मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में 57 साल की हथिनी अनारकली ने जुड़वा बछड़ों को दिया जन्म, देखें Viral Video
मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथियों का परिवार बढ़ रहा है. एक अनोखी और खुशी की बात यह है कि अनारकली नाम की एक मादा हाथी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है, जिससे फॉरेस्ट स्टाफ और वाइल्डलाइफ लवर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है.
Viral Video: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथियों (Panna Tiger Reserve) का परिवार बढ़ रहा है. एक अनोखी और खुशी की बात यह है कि अनारकली (Anarkali) नाम की एक मादा हाथी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है, जिससे फॉरेस्ट स्टाफ (Forest Staff) और वाइल्डलाइफ लवर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है. आम तौर पर, एक हाथी सिर्फ़ एक बच्चे को जन्म देता है. पन्ना टाइगर रिज़र्व के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी हाथी ने सिर्फ़ 3 घंटे के अंदर 2 बच्चों को जन्म दिया है. इन नए जन्मे बच्चों के आने के साथ ही पन्ना टाइगर रिज़र्व में हाथियों की आबादी अब 21 हो गई है.
अनारकली का पन्ना का सफर भी काफ़ी दिलचस्प है. उसे जून 1986 में सोनपुर मेले से रिजर्व में लाया गया था, जब वह लगभग 18 साल की थी. तब से, वह लगभग 39 सालों से पन्ना में हाथियों की टीम का एक अहम हिस्सा रही है. इन सालों में, अनारकली ने रिज़र्व में हाथियों की आबादी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है. यह भी पढ़ें: Viral Video: हथिनी के साथ लिपटकर सोता दिखा नन्हा हाथी, मां और बच्चे का यह क्यूट वीडियो जीत लेगा आपका दिल
पन्ना टाइगर रिजर्व में हथिनी ने जुड़वा बछड़ों को दिया जन्म
#WATCH | In A First, 57-Year-Old Elephant 'Anarkali' Gives Birth To Twin Female Calves At Panna Tiger Reserve#MadhyaPradesh #MPNews #elephant #PannaTigerReserve pic.twitter.com/wZtQF6gqwM
— Free Press Madhya Pradesh (@FreePressMP) November 22, 2025
उसने 6 बार बच्चों को जन्म दिया है और इस छठी डिलीवरी, जिसमें उसने जुड़वां मादा बछड़ों को जन्म दिया और उसने एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. जुड़वां बछड़ों के जन्म से पन्ना टाइगर रिजर्व में खुशी की लहर दौड़ गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 23, 2025 11:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

