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Israel ARBEL Smart Rifle: इजरायल की स्मार्ट राइफल 'ARBEL' ने बदली जंग की तस्वीर, कंप्यूटर सिस्टम खुद तय करेगा कब चलेगी गोली

इजरायल की प्रमुख डिफेंस कंपनी IWI ने दावा किया है कि ARBEL दुनिया की पहली पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत स्मॉल आर्म्स तकनीक है, जो सैनिकों की गलतियों को खत्म कर जंग के मैदान में सटीकता बढ़ाती है.

Israel ARBEL Smart Rifle: इजरायल की स्मार्ट राइफल 'ARBEL' ने बदली जंग की तस्वीर, कंप्यूटर सिस्टम खुद तय करेगा कब चलेगी गोली
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Israel ARBEL Smart Rifle:  इजरायल की प्रमुख डिफेंस कंपनी IWI ने दावा किया है कि ARBEL दुनिया की पहली पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत स्मॉल आर्म्स तकनीक है, जो सैनिकों की गलतियों को खत्म कर जंग के मैदान में सटीकता बढ़ाती है. यह सिस्टम किसी भी AR-15 स्टाइल राइफल या लाइट मशीन गन पर लगाया जा सकता है और यह शूटर के ट्रिगर व्यवहार को समझकर खुद तय करता है कि कब फॉलो-अप शॉट दागना है और किस स्पीड से गोली चलानी है. कंपनी का कहना है कि इस स्मार्ट सिस्टम से निशाना साधने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है.

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मशीन नहीं, इंसान की आंखों पर निर्भर

IWI के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर एडम का कहना है कि ARBEL की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी कैमरा या ऑप्टिकल सेंसर पर निर्भर नहीं रहती. यह केवल शूटर की दृष्टि के आधार पर काम करती है, यानी सैनिक अपनी मर्जी से लक्ष्य चुन सकता है. कई हाईटेक हथियारों में लॉक-ऑन फीचर जरूरी होता है, जिससे अचानक बदलती परिस्थिति में परेशानी होती है. लेकिन ARBEL में ऐसा कोई बाध्यकारी सिस्टम नहीं है.

ड्रोन का नया दुश्मन

आज के युद्ध में ड्रोन सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं. IWI का दावा है कि ARBEL न सिर्फ जमीन पर निशाने साधने में कारगर है, बल्कि इसे छोटे ड्रोन गिराने के लिए भी बेहतरीन हथियार बनाया गया है. इसके हाई-स्पीड सेंसर और स्वत: तय होने वाले शॉट टाइमिंग से सैनिक कम समय में तेजी से उड़ते ड्रोन्स को अधिक सटीकता से गिरा सकते हैं. NDTV की रिपोर्ट में बताया गया कि टेस्टिंग के दौरान ARBEL मोड में गोली न सिर्फ कम समय में चली, बल्कि लक्ष्य पर हिट की संख्या भी दोगुनी रही.

भार कम, क्षमता ज्यादा

करीब 400 ग्राम वजनी यह सिस्टम भारी-भरकम एंटी-ड्रोन उपकरणों की जरूरत कम कर देगा. यह फ्रंटलाइन सैनिकों को हल्का, पोर्टेबल और प्रभावी समाधान देता है. IWI के सीईओ शुकी श्वार्ट्ज ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत जारी है और यदि करार होता है तो यह तकनीक 'मेक इन इंडिया' के तहत देश में ही बनाई जाएगी. पाकिस्तान की ओर से बढ़ते ड्रोन खतरों को देखते हुए यह तकनीक भारत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2025 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).