Sansad Khel Mahotsav: देश के युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी- 'खेलों में भारत के अवसर असीमित हैं' (Watch Video)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: X/@BJP4India)

नई दिल्ली, 25 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुवार को गुजरात (Gujarat) के जूनागढ़ (Junagadh) में हुए समापन कार्यक्रम के दौरान 'संसद खेल महोत्सव' (Sansad Khel Mahotsav) के फाइनल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों और देश के युवाओं को वर्चुअली संबोधित किया.  उन्होंने भारत के बढ़ते स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की ताकत और देश के भविष्य को आकार देने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया. इस बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने पूरे गुजरात के खिलाड़ियों से बात की और खेलों में उनके अनुभवों पर चर्चा की, और उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन के लिए लगातार कोशिश करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया.

संसद खेल महोत्सव 2025 एक देशव्यापी जमीनी स्तर की खेल पहल है, जिसे देश के हर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के फिट इंडिया और खेलो इंडिया विजन से प्रेरित, इस कार्यक्रम का मकसद स्थानीय खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें बढ़ावा देना है, साथ ही युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और टीम वर्क को बढ़ावा देना है. सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'कुछ देर पहले मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले कुछ खिलाड़ियों से बात कर रहा था और उनके जोश, जज्बे और उत्साह में मुझे भारत की ताकत की झलक दिखी. इन खिलाड़ियों में मैंने जो आत्मविश्वास देखा, वह देश के लाखों युवाओं में भी वही विश्वास भरता है. इसीलिए, स्टार्टअप, अंतरिक्ष, विज्ञान और खेल, हर क्षेत्र में भारत के युवा अपना परचम लहरा रहे हैं.' यह भी पढ़े: Christmas 2025: 'यीशु मसीह की शिक्षाएं सामाजिक सद्भाव को मजबूत करें', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने दी क्रिसमस की शुभकामनाएं

 

खिलाड़ियों के लिए सरकारी समर्थन पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा, 'संसद खेल प्रतियोगिता के जरिए, हमारी सरकार एथलीटों को हर संभव तरीके से सपोर्ट कर रही है. मुझे यह जानकर खुशी हुई कि आपको खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए इतना अच्छा मंच मिला है.' प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद खेल महोत्सव एक जन आंदोलन बन गया है, जिसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग हिस्सा ले रहे हैं.'शहरों से लेकर गांवों तक, जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हैं. यह इस भव्य कार्यक्रम के पैमाने को साबित करता है. काशी के सांसद के तौर पर, मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में इस खेल आयोजन से करीब से जुड़ा रहा हूं. मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि युवाओं ने इस आयोजन के ज़रिए नए मील के पत्थर स्थापित किए हैं.'

इस पहल की समावेशिता का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि इस आयोजन ने कई तरह के एथलीटों के लिए अवसर पैदा किए हैं. 'इस साल भी, यह भव्य आयोजन, जो कई हफ़्तों तक चला, युवाओं के लिए एक मजबूत मंच साबित हुआ है. कई दिव्यांग एथलीटों को भी इसके ज़रिए आगे बढ़ने का मौका मिला है। मैं इसके लिए सभी एथलीटों और देश के युवाओं को दिल से बधाई देता हूं.' देश में खेलों के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अब अवसर सीमित नहीं हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में, खेलों में अवसर सीमित नहीं हैं; वे असीमित हैं. आज देश में एक इकोसिस्टम बनाया गया है. आज, सबसे गरीब परिवार का बच्चा भी कम उम्र में ही शिखर पर पहुंच सकता है. पीएम मोदी ने आने वाले सालों में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की भारत की महत्वाकांक्षाओं के बारे 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के बारे में भी बात की, इसे युवा एथलीटों के लिए एक शानदार अवसर बताया. उन्होंने कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने के भी प्रयास कर रहा है. 'जो युवा आज 10 या 12 साल के हैं, वे 2036 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. हमें उन्हें ढूंढना होगा, उनका पालन-पोषण करना होगा, और उन्हें अभी राष्ट्रीय मंच पर लाना होगा.'  प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि संसद खेल महोत्सव इस यात्रा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

‘India’s Opportunities in Sports Unlimited’

सांसदों से जमीनी स्तर पर खेलों को एक्टिव रूप से सपोर्ट करने की अपील करते हुए PM मोदी ने कहा, 'इसलिए मैं आज सभी सांसदों से कहना चाहता हूं: यह आपकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि आप अपने इलाकों में ऐसे टैलेंट को ढूंढें जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, यहां तक कि ओलंपिक्स में भी भारत का नाम रोशन कर सकें. उन्हें हर संभव मदद दें.'

खिलाड़ियों को और प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, 'आज मैं देश भर के हर खिलाड़ी को एक संदेश देना चाहता हूं. आप सिर्फ अपनी पर्सनल सफलता के लिए मुकाबला नहीं कर रहे हैं. आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, तिरंगे के गौरव और सम्मान को दिखा रहे हैं. मैं हर माता-पिता से भी आग्रह करता हूं कि वे अपने बच्चों को खेलों में सपोर्ट करें, उन्हें हिस्सा लेने के मौके दें... क्योंकि खेल सिर्फ शिक्षा का एक हिस्सा नहीं है, यह स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग बनाए रखने के लिए भी बहुत जरूरी है.' संसद खेल महोत्सव 2025, 21 सितंबर को शुरू हुआ और आज बाद में खत्म होने वाला है, जिसमें कई हफ्तों तक खेल प्रतियोगिताएं हुईं और अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोगों ने हिस्सा लिया.