नई दिल्ली: इस्लाम के पवित्र महीने रमजान (Ramzan 1447 AH) का दूसरा हफ्ता शुरू हो चुका है और देशभर में मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के लोग पूरे अकीदत और अनुशासन के साथ रोजे रख रहे हैं. गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को रमजान का 8वां रोजा है. रोजे की शुरुआत सूर्योदय से पहले 'सहरी' (Sehri) के साथ होती है और सूर्यास्त के समय 'इफ्तार' (Iftar) के साथ इसे खोला जाता है, क्योंकि सहरी और इफ्तार का समय सूरज के निकलने और ढलने पर निर्भर करता है, इसलिए भारत के अलग-अलग शहरों में इसकी टाइमिंग में अंतर देखा जाता है. यह भी पढ़ें: Ramzan 2026: 25 फरवरी को सातवां रोजा, जानें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में सहरी-इफ्तार का सही समय
प्रमुख शहरों में सहरी और इफ्तार का समय (26 फरवरी, 2026)
स्थानीय हिलाल कमेटियों और इस्लामिक टाइमटेबल के अनुसार, भारत के प्रमुख शहरों के लिए 8वें रोजे का समय इस प्रकार है:
| शहर | सहरी (समाप्त) | इफ्तार (शुरू) |
| मुंबई | 05:47 AM | 06:43 PM |
| दिल्ली | 05:31 AM | 06:19 PM |
| कोलकाता | 04:46 AM | 05:38 PM |
| चेन्नई | 05:16 AM | 06:17 PM |
| हैदराबाद | 05:36 AM | 06:27 PM |
| लखनऊ | 05:16 AM | 06:05 PM |
| पटना | 04:59 AM | 05:49 PM |
| बेंगलुरु | 05:26 AM | 06:28 PM |
| अहमदाबाद | 05:49 AM | 06:41 PM |
| भोपाल | 05:30 AM | 06:22 PM |
| श्रीनगर | 05:40 AM | 06:24 PM |
| रांची | 04:58 AM | 05:50 PM |
| जयपुर | 05:37 AM | 06:26 PM |
| तिरुवनंतपुरम | 05:27 AM | 06:33 PM |
(नोट: स्थानीय मस्जिदों और मौसम की स्थिति के आधार पर समय में 1-2 मिनट का बदलाव संभव है।)
सहरी और इफ्तार का महत्व
रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार केवल भोजन करने का समय नहीं हैं, बल्कि इनका गहरा आध्यात्मिक महत्व है. सहरी वह भोजन है जो रोजेदार को दिन भर की इबादत के लिए ऊर्जा प्रदान करता है. वहीं, इफ्तार के समय खजूर और पानी से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है और यह समुदाय के साथ मिल-जुलकर शुक्रगुजार होने का पल होता है. भारत के पूर्वी हिस्सों (जैसे कोलकाता) और पश्चिमी हिस्सों (जैसे मुंबई) के बीच समय का लगभग एक घंटे का अंतर भौगोलिक स्थिति के कारण होता है.
रमजान का आध्यात्मिक सार
रोजा रखने का मुख्य उद्देश्य 'तकवा' (ईश्वर के प्रति सचेत रहना) हासिल करना है. इस सप्ताह देशभर की मस्जिदों में 'तरावीह' (विशेष रात्रि प्रार्थना) के लिए भारी भीड़ देखी जा रही है. इसके साथ ही, लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा 'जकात' (दान) के रूप में जरूरतमंदों की मदद के लिए दे रहे हैं. जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ेगा, वसंत विषुव (Spring Equinox) के करीब आने के कारण दिन थोड़े लंबे हो सकते हैं.
स्वास्थ्य और सुरक्षा की सलाह
फरवरी के अंत में बदलते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने रोजेदारों को कुछ विशेष सुझाव दिए हैं:
- सहरी: हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और धीरे पचने वाले कार्बोहाइड्रेट (जैसे ओट्स, दलिया) शामिल करें.
- इफ्तार: रोजा खोलते समय एकदम भारी भोजन करने से बचें। फलों और तरल पदार्थों से शुरुआत करना बेहतर होता है ताकि ऊर्जा का स्तर धीरे-धीरे संतुलित हो सके.











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