नई दिल्ली: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री (Maharashtra Deputy Chief Minister) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और महायुति सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है. दिल्ली दौरे (Delhi Visit) के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की राजनीतिक (Maharashtra Politics) संस्कृति विकास आधारित है और उनकी सरकार 'जनता की सरकार' के रूप में काम कर रही है. शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दल सरकार के हर फैसले का बिना सोचे-समझे विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन आरोपों का जवाब बहस से नहीं बल्कि अपने ठोस कार्यों से दे रही है. यह भी पढ़ें: Eknath Shinde on PM Modi: पीएम मोदी हिंदुत्व को आगे बढ़ाने वाले नेता हैं; उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
अजीत पवार मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा
एनसीपी नेता रोहित पवार द्वारा की गई जांच की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में सच्चाई छिपाने के पक्ष में नहीं है. उन्होंने बताया कि रोहित पवार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और उनसे मुलाकात की थी. शिंदे ने जोर देकर कहा कि अजीत पवार की मौत एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और बड़ी दुर्घटना है, जिसकी गहराई से जांच होना अनिवार्य है.
वर्तमान में इस मामले की जांच कई स्तरों पर चल रही है:
- महाराष्ट्र पुलिस की स्थानीय टीमें मामले की पड़ताल कर रही हैं.
- राज्य की सीआईडी (CID) इस केस की बारीकियों को देख रही है.
- पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में सहयोग कर रही हैं. यह भी पढ़ें: Eknath Shinde on Uddhav Thackeray: एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तंज, 'कुछ लोग कार्यकर्ताओं को नौकर समझते हैं'
दिल्ली दौरा और सांसदों से मुलाकात
उपमुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि संसद सत्र के दौरान राष्ट्रीय राजधानी आना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है. उन्होंने बताया, 'जब भी संसद का सत्र चलता है, मैं अपने सांसदों का मनोबल बढ़ाने और उनसे संवाद करने के लिए दिल्ली आता हूं. यह कोई नई बात नहीं है.'
इस यात्रा के दौरान एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की. साथ ही, उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी शिष्टाचार भेंट की. यह भी पढ़ें:
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
शिंदे ने आरोप लगाया कि जब से महायुति की सरकार बनी है, विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति में जुटा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल कमियां निकालना रह गया है, जबकि सरकार का पूरा ध्यान बुनियादी ढांचे के विकास और आम आदमी के कल्याण पर केंद्रित है. शिंदे ने विश्वास व्यक्त किया कि जांच एजेंसियां अपनी रिपोर्ट के जरिए जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगी.













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