Baramati Bypoll 2026: महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की उम्मीदवार और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है. सोमवार को जारी मतगणना के रुझानों में अपनी जीत सुनिश्चित देख सुनेत्रा पवार ने इसे अपने दिवंगत पति और महाराष्ट्र के पूर्व कद्दावर नेता अजीत पवार की विरासत की जीत बताया. उन्होंने कहा कि बारामती की जनता ने वोटिंग के जरिए "दादा" (अजीत पवार) के प्रति अपना अटूट विश्वास, प्रेम और सहानुभूति प्रकट की है.
अजीत पवार की स्मृतियों को समर्पित जीत
मतगणना के दौरान भारी अंतर से आगे चल रही सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपनी पहली प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "जनता ने जो भरोसा दिखाया है, वह अजीत दादा के कार्यों का फल है. मैं इस जीत को उनकी पवित्र स्मृतियों को समर्पित करती हूँ." उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मौके पर कोई बड़ा जश्न या जुलूस न निकालें और संयम बनाए रखें. यह भी पढ़े: असम चुनाव परिणाम 2026: शुरुआती रुझानों में बीजेपी की बढ़त, क्या फिर मुख्यमंत्री बनेंगे हिमंत बिस्वा सरमा?
सुनेत्रा पवार की जीत
#WATCH | Mumbai | As she inches towards victory in the Bye Election to Baramati Assembly Constituency, Maharashtra Deputy CM and NCP leader Sunetra Pawar says, "The public have shown their trust, love, and sympathy for Dada (Ajit Pawar) through this voting..."
She further says,… pic.twitter.com/OK7dXG7wbO
— ANI (@ANI) May 4, 2026
राष्ट्रीय राजनीति पर सुनेत्रा का बड़ा बयान
बारामती की जीत के साथ-साथ सुनेत्रा पवार ने राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए (NDA) के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि देश में विकास की लहर चल रही है और पश्चिम बंगाल, असम तथा पुडुचेरी जैसे राज्यों में भी एनडीए की सरकारें सत्ता में आ रही हैं. उनके इस बयान को भविष्य की राजनीति और भाजपा-एनडीए के बढ़ते प्रभाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
क्यों हुआ बारामती में उपचुनाव?
यह सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजीत पवार के दुखद निधन के कारण खाली हुई थी. जनवरी 2026 में एक विमान हादसे में उनके निधन के बाद बारामती में राजनीतिक शून्य पैदा हो गया था. इसके बाद हुए उपचुनाव में महायुति (NCP-BJP-Sena) ने सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारा था. विशेष बात यह रही कि विपक्षी दलों, विशेषकर शरद पवार गुट (NCP-SP) और कांग्रेस ने पारिवारिक शोक की स्थिति को देखते हुए सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई बड़ा उम्मीदवार नहीं उतारा था.
चुनावी समीकरण और जनता का फैसला
23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद आज हो रही मतगणना में सुनेत्रा पवार ने शुरूआती राउंड से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों को काफी पीछे छोड़ दिया. बारामती के मतदाताओं ने कम मतदान प्रतिशत के बावजूद सुनेत्रा पवार के पक्ष में एकतरफा वोटिंग की. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सहानुभूति की लहर और अजीत पवार द्वारा बारामती में किए गए विकास कार्यों का सीधा परिणाम है.











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