Sexual Assault Case: आदित्य पंचोली रेप केस, FIR रद्द कराने बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे अभिनेता; 4 मार्च को आ सकता है फैसला
आदित्य पंचोली (Photo Credit: X)

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली (Aditya Pancholi)  मंगलवार को अपने खिलाफ दर्ज बलात्कार (Rape) के एक मामले की FIR को रद्द (Quash) कराने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) में पेश हुए. यह इस याचिका पर 28वीं सुनवाई थी. पंचोली ने 2019 में एक महिला अभिनेत्री द्वारा दर्ज कराए गए मामले को 'दुर्भावनापूर्ण' बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च, 2026 को तय की है, जिस दिन इस पर अंतिम फैसला आने की संभावना है. यह मामला जून 2019 में मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. एक महिला अभिनेत्री ने आदित्य पंचोली पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार) सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए थे. यह भी पढ़ें: RJ Princy Parikh Rape Threat: T20 वर्ल्ड कप में भारत की हार के बाद इन्फ्लुएंसर प्रिंसी पारिख को मिली रेप की धमकियां, David Miller के साथ वाली रील करना पड़ा डिलीट

बचाव पक्ष की दलीलें और 'भजन लाल' फैसला

आदित्य पंचोली के वकील प्रशांत पाटिल ने कोर्ट में तर्क दिया कि कथित घटना के लगभग 15 साल बाद यह शिकायत दर्ज कराई गई थी, जो इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है.

  • सुप्रीम कोर्ट का हवाला: बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध 'भजन लाल' फैसले का जिक्र करते हुए FIR रद्द करने की मांग की है, जो कानून के दुरुपयोग और दुर्भावनापूर्ण मुकदमों को रोकने से संबंधित है.
  • ऑडियो रिकॉर्डिंग: वकील ने दावा किया कि FIR दर्ज होने से पहले एक व्यक्ति ने अभिनेता से मुलाकात की थी, जिसकी रिकॉर्डिंग कोर्ट में पेश की गई है. उनका कहना है कि यह रिकॉर्डिंग साबित करती है कि FIR दर्ज कराने के पीछे का इरादा गलत था.

पीड़िता की जांच में अनुपस्थिति

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस द्वारा 11 बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद पीड़िता जांच में शामिल होने के लिए पेश नहीं हुई. मंगलवार को पीड़िता की ओर से एक वकील पेश हुए और कोर्ट से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा. हाई कोर्ट ने पीड़िता को फिर से नोटिस जारी कर अगली तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया है.

आगे क्या?

आदित्य पंचोली ने अदालत के बाहर कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया पर फिलहाल कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्हें 4 मार्च के फैसले का इंतजार है. यदि हाई कोर्ट FIR रद्द करने की याचिका स्वीकार कर लेता है, तो अभिनेता को इस लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद से बड़ी राहत मिल सकती है. फिलहाल, सभी की निगाहें 4 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं.