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Kalyan Civic Scandal: मुंबई से सटे कल्याण में अवैध 10 मंजिला इमारत की फाइल KDMC रिकॉर्ड रूम से गायब, सबूत मिटाने की आशंका में FIR दर्ज

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) में एक बड़ा प्रशासनिक घोटाला सामने आया है. कल्याण पश्चिम में स्थित एक अवैध 10 मंजिला इमारत 'यूसुफ हाइट्स' से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइल रिकॉर्ड रूम से गायब हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

Kalyan Civic Scandal: मुंबई से सटे कल्याण में अवैध 10 मंजिला इमारत की फाइल KDMC रिकॉर्ड रूम से गायब, सबूत मिटाने की आशंका में FIR दर्ज
(Photo Credits File)

Kalyan Civic Scandal: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के रिकॉर्ड रूम से एक विवादित 10 मंजिला इमारत की फाइल रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला सामने आया है. यह घटना कल्याण पश्चिम के रेतीबंदर इलाके में स्थित "यूसुफ हाइट्स" नामक इमारत से जुड़ी है. नगर निगम के अधिकारियों की शिकायत पर बाजारपेठ पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह सबूत मिटाने के उद्देश्य से किया गया जानबूझकर किया गया कृत्य है.

RTI आवेदन से खुला राज

यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक नागरिक ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत यूसुफ हाइट्स के निर्माण, लेआउट की अनुमति और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी. जब नगर नियोजन विभाग (Town Planning Department) ने इस जानकारी को देने के लिए दस्तावेजों की खोज शुरू की, तो पता चला कि इमारत से संबंधित मूल फाइल रिकॉर्ड सेक्शन से गायब है.  यह भी पढ़े: Frauds on Mobile Tower Installation: मोबाइल टावर स्थापना से संबंधित धोखाधड़ी का मैसेज वायरल, पीआईबी ने किया पर्दाफाश

नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता ज्ञानेश्वर अडके ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आशंका जताई है कि फाइल को या तो जानबूझकर नष्ट कर दिया गया है या अवैध रूप से रिकॉर्ड रूम से हटा दिया गया है.

आरक्षित जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप

विकास योजना (DP) के रिकॉर्ड के अनुसार, जिस जमीन पर यूसुफ हाइट्स खड़ी है, वह सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए आरक्षित थी. कुल जमीन में से 376 वर्ग मीटर का हिस्सा बेघरों के आवास के लिए और 115 वर्ग मीटर का हिस्सा खेल के मैदान के लिए आरक्षित था. आरोपों के अनुसार, इन नियमों की अनदेखी कर 2012 से 2014 के बीच यहां 10 मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई.

फर्जी दस्तावेजों-धोखाधड़ी का मामला

जांच में पहले ही यह बात सामने आ चुकी है कि इस इमारत का निर्माण कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के आधार पर किया गया था. अधिकारियों का दावा है कि नगर निगम में फर्जी बिल्डिंग प्लान जमा किए गए थे और काम पूरा होने का प्रमाण पत्र (OC) भी धोखाधड़ी से तैयार किया गया था. जमीन के मालिक अस्मत मौलवी और पावर ऑफ अटॉर्नी धारक सलमान डोलारे पर इस अवैध विकास का आरोप है.

इस परियोजना के कारण करीब 10 निवेशकों को 1.82 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है. धोखाधड़ी का पता चलने के बाद निवेशकों ने शिकायत की थी, जिसके आधार पर दो साल पहले भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था. फिलहाल आरोपी सलमान डोलारे फरार बताया जा रहा है.

जांच के घेरे में निगम के कर्मचारी

फाइल का अचानक गायब होना इस संदेह को पुख्ता करता है कि अवैध निर्माण और धोखाधड़ी से जुड़े सबूतों को दबाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस अब इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या नगर निगम के किसी कर्मचारी ने फाइल गायब करने में मदद की है.

फाइल की तलाश में जुटी पुलिस

बाजारपेठ पुलिस ने पुष्टि की है कि फाइल की तलाश जारी है और दोषियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है. इस घटना ने कल्याण में अवैध निर्माणों के मुद्दे और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 25, 2026 05:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).