Priyanka Gandhi on Gaza Victims: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बीच, कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे एक बड़ी अपील की है. बुधवार, 25 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वे इजरायली संसद (नेसेट) को संबोधित करते समय गाजा में चल रहे संघर्ष और वहां मारे गए हजारों निर्दोष लोगों का मुद्दा उठाएं. उन्होंने कहा कि भारत को विश्व मंच पर हमेशा सत्य और न्याय का मार्ग दिखाना चाहिए.
गाजा में 'नरसंहार' का मुद्दा उठाने की अपील
प्रियंका गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इजरायल दौरे के दौरान गाजा में "हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार" का उल्लेख करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत का इतिहास हमेशा सही के साथ खड़े रहने का रहा है. प्रियंका के अनुसार, भारत की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह दुनिया को शांति और न्याय की रोशनी दिखाए. यह भी पढ़े: PM Modi On Gaza Hospital Deaths: गाजा अस्पताल में हुई मौतों पर पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया, कहा- ‘स्तब्ध हूं, इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए’
प्रियंका गांधी की PM मोदी से आग्रह
I hope that the Hon Prime Minister @narendramodi ji mentions the genocide of thousands of innocent men, women and children in Gaza while addressing the Knesset on his upcoming trip to Israel and demands justice for them. India has stood for what is right throughout our history as…
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 25, 2026
नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम
प्रधानमंत्री मोदी 25 और 26 फरवरी 2026 को इजरायल की राजकीय यात्रा पर हैं. इस यात्रा के दौरान वह इजरायली संसद 'नेसेट' को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएमओ के अनुसार, यह यात्रा रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' (Special Strategic Partnership) के स्तर तक ले जाने के लिए है. हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस लगातार गाजा संकट पर सरकार के रुख की आलोचना कर रहा है.
कांग्रेस ने तीखा हमला भी किया
प्रियंका गांधी के अलावा, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब दुनिया गाजा की स्थिति पर इजरायली नेतृत्व की आलोचना कर रही है, तब प्रधानमंत्री का इजरायल के साथ 'खुला समर्थन' दिखाना नैतिक रूप से कमजोर रुख है. रमेश ने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी थी और हमेशा से ही फिलिस्तीनी हितों का समर्थक रहा है.
रणनीतिक हितों और मानवीय चिंताओं का संतुलन
भले ही घरेलू राजनीति में इस यात्रा को लेकर बहस छिड़ी हो, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक 'महत्वपूर्ण छलांग' बताया है. भारत और इजरायल के बीच नवाचार और रक्षा उत्पादन में कई बड़े समझौतों की संभावना है. अब पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या पीएम मोदी अपने संबोधन में केवल द्विपक्षीय संबंधों पर बात करते हैं या प्रियंका गांधी की अपील के अनुरूप गाजा की स्थिति पर भी कोई वैश्विक संदेश देते हैं.













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