नई दिल्ली: भारत के स्टील और खनन क्षेत्र (Metals and Mining) के एक युग का अंत हो गया है. उद्योग जगत के दिग्गज और एस्सार ग्रुप के मेटल्स एंड माइनिंग डिवीजन (Metals & Mining Division of Essar Group) के उपाध्यक्ष जतिंदर मेहरा (Jatinder Mehra) का बुधवार (25 फरवरी 2026) को निधन हो गया. मेहरा ने छह दशकों से अधिक समय तक भारतीय इस्पात उद्योग की सेवा की. उन्हें उनके बेजोड़ तकनीकी ज्ञान, रणनीतिक सोच और बड़े स्तर की औद्योगिक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक जमीन पर उतारने की क्षमता के लिए जाना जाता था.
एस्सार ग्रुप ने जताया गहरा शोक
जतिंदर मेहरा के निधन पर एस्सार परिवार ने गहरा दुख व्यक्त किया है. कंपनी ने एक आधिकारिक संदेश में कहा, ‘एस्सार परिवार जतिंदर मेहरा के निधन से गहरे दुख में है. वे भारत के स्टील उद्योग के एक सम्मानित दिग्गज और दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने एस्सार ग्रुप की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की नींव रखी.’
मेहरा एस्सार की लंबी अवधि की रणनीति तय करने और विशेष रूप से हजीरा (गुजरात) में स्टील निर्माण क्षमता के विस्तार के मुख्य वास्तुकार थे.
सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में शानदार करियर
एस्सार ग्रुप में शामिल होने से पहले, जतिंदर मेहरा ने भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के स्टील उद्योग में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया था:
- SAIL: उन्होंने 'स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड' (SAIL) में कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दीं.
- RINL: वे 'राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड' (RINL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) भी रहे. उनके कार्यकाल के दौरान ही विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (Vizag Steel Plant) की कमीशनिंग हुई, जो देश के स्टील सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर था.
- एस्सार: एस्सार ग्रुप में उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक काम किया, जहां उन्होंने पारादीप (ओडिशा) में एकीकृत परियोजनाओं के विकास का नेतृत्व किया.
जतिंदर मेहरा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया
सम्मान और विरासत
इस्पात उद्योग में उनके अतुलनीय योगदान के लिए 'इंडियन स्टील एसोसिएशन' (ISA) ने उन्हें साल 2022 में 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया था. उनके सहकर्मी और जूनियर उन्हें एक मार्गदर्शक (Mentor) के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने अपनी अनुशासन प्रियता और प्रेरणा से पेशेवरों की कई पीढ़ियों को तैयार किया.
जतिंदर मेहरा के निधन पर पूरे उद्योग जगत ने संवेदनाएं व्यक्त की हैं. भारत ने आज एक ऐसे नेता को विदा किया है जिसका योगदान देश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास में सदैव याद रखा जाएगा.













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