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साढ़े तीन मुहूर्त 2026: गुड़ी पड़वा पर सोना खरीदना क्यों है सबसे शुभ? जानें 19 मार्च का ज्योतिषीय महत्व और सटीक समय

हिंदू कैलेंडर में 'साढ़े तीन मुहूर्त' को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। 19 मार्च 2026 को गुड़ी पड़वा के साथ साल का पहला बड़ा मुहूर्त पड़ रहा है. जानिए क्यों यह दिन सोना खरीदने, नए व्यापार की शुरुआत और गृह प्रवेश के लिए 'स्वयं सिद्ध' माना जाता है.

साढ़े तीन मुहूर्त 2026: गुड़ी पड़वा पर सोना खरीदना क्यों है सबसे शुभ? जानें 19 मार्च का ज्योतिषीय महत्व और सटीक समय
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Image)

Sade Teen Muhurat 2026: हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में 'साढ़े तीन मुहूर्त' (Sade Teen Muhurat) का विशेष स्थान है. ये वे दिन होते हैं जब ब्रह्मांड की ऊर्जा अपने उच्चतम स्तर पर होती है और किसी भी कार्य को सिद्ध करने के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती. साल 2026 में, 19 मार्च को पड़ने वाली गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa) और उगादि (Ugadi) इन साढ़े तीन मुहूर्तों में से पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन किया गया कोई भी निवेश या नए कार्य का आरंभ दीर्घकालिक सफलता की गारंटी माना जाता है.

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अधिकांश कार्यों के लिए मिनट-दर-मिनट शुभ मुहूर्त की गणना करनी पड़ती है, लेकिन साढ़े तीन मुहूर्त इसके अपवाद हैं. इन्हें 'स्वयं सिद्ध' मुहूर्त कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि पूरा दिन ही सफलता के लिए 'ग्रीन सिग्नल' है. इन विशेष दिनों में शामिल हैं. यह भी पढ़ें: Hindu New Year 2026: गुड़ी पड़वा, उगादि और चैत्र नवरात्रि का महापर्व; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और परंपराएं

  • गुड़ी पड़वा (चैत्र प्रतिपदा - हिंदू नववर्ष)
  • अक्षय तृतीया
  • दशहरा (विजयादशमी)
  • बलि प्रतिपदा (दीपावली पड़वा - इसे आधा मुहूर्त माना जाता है)

19 मार्च 2026 को प्रतिपदा तिथि सुबह 6:52 बजे शुरू होगी, जो नए संवत्सर 'पराभव' का आगाज़ करेगी. चूंकि यह तिथि सूर्योदय के समय मौजूद है, इसलिए पूरे 24 घंटे आध्यात्मिक और सृजनात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे.

सोना खरीदने के लिए 19 मार्च ही क्यों है खास?

भारतीय संस्कृति में सोना केवल एक धातु नहीं, बल्कि साक्षात 'लक्ष्मी' का रूप माना जाता है. गुड़ी पड़वा पर सोना खरीदना समृद्धि सुनिश्चित करने की एक पुरानी परंपरा है.

  • गुरुवार का विशेष संयोग: 2026 में 19 मार्च को गुरुवार है. गुरुवार के स्वामी 'गुरु' (बृहस्पति) हैं, जो विस्तार, धन और ज्ञान के कारक ग्रह हैं. यह संयोग इस दिन को 'गुरु-पुष्य' जैसी ऊर्जा प्रदान करता है, जो वित्तीय स्थिरता के लिए अत्यंत लाभकारी है.
  • अक्षय मूल्य: मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना 'अक्षय' रहता है, यानी उसका मूल्य और आपकी संपत्ति कभी कम नहीं होती. जैसे गुड़ी का ध्वज ऊंचा फहराया जाता है, वैसे ही इस दिन किया गया निवेश आर्थिक बाधाओं पर 'विजय' दिलाता है. यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026 Wishes: चैत्र नवरात्रि के इन शानदार हिंदी WhatsApp Messages, Facebook Greetings, Quotes के जरिए दें अपनों को शुभकामनाएं

नए कार्यों और निवेश के लिए उत्तम अवसर

भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे 'सृजन का दिन' माना जाता है. चाहे बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट साइन करना हो, नया घर खरीदना हो या नई नौकरी शुरू करनी हो, यह दिन प्राकृतिक रूप से विकास की ऊर्जा से जुड़ा है.

19 मार्च 2026: महत्वपूर्ण समय और सारणी

घटना / अवसर समय और महत्व
प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ सुबह 6:52 बजे (19 मार्च)
पूजा और गुड़ी स्थापना सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक
इन कार्यों के लिए शुभ सोना, वाहन, नया व्यापार, गृह प्रवेश
ग्रहों का प्रभाव बृहस्पति (वृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक)

सफलता के पारंपरिक सूत्र

इस दिन की सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए कुछ पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है. दिन की शुरुआत सूर्योदय से पहले 'अभ्यंग स्नान' (तेल स्नान) से की जाती है। घर के मुख्य द्वार के दाईं ओर गुड़ी फहराई जाती है. इसके साथ ही नीम और गुड़ का मिश्रण खाने की परंपरा है, जो यह याद दिलाती है कि जीवन में 'मिठास' (सफलता) पाने के लिए 'कड़वाहट' (चुनौतियों) को भी सहजता से स्वीकार करना चाहिए.

संक्षेप में, 19 मार्च 2026 केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक दिव्य अवसर है. यदि आप अपने भविष्य के लिए कोई बड़ा कदम उठाना चाहते हैं, तो यह गुरुवार आपके लिए ब्रह्मांड का खुला द्वार है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2026 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).