Chaitra Navratri 2026 Wishes: चैत्र नवरात्रि के इन शानदार हिंदी WhatsApp Messages, Facebook Greetings, Quotes के जरिए दें अपनों को शुभकामनाएं
मां दुर्गा की उपासना के पर्व नवरात्रि को हिंदू धर्म में बहुत ही श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है. चैत्र प्रतिपदा के दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करके देवी दुर्गा का आह्वान करते हैं, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए अपनों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Chaitra Navratri 2026 Wishes in Hindi: शक्ति की उपासना और संकल्प का महापर्व 'चैत्र नवरात्रि' इस वर्ष 19 मार्च 2026, गुरुवार से शुरू हो रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाला यह नौ दिवसीय उत्सव 27 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा. यह अवसर न केवल मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) की शुरुआत भी होती है. देशभर के मंदिरों और घरों में इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ देवी का आह्वान किया जाएगा.
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा का वाहन 'हाथी' होगा. हिंदू धर्मग्रंथों में माता के वाहन का विशेष संकेत बताया गया है. हाथी पर माता का आगमन ज्ञान, समृद्धि और प्रचुरता का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि जब माता हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो वह अपने साथ सुख-शांति और अच्छी वर्षा का आशीर्वाद लेकर आती हैं, जिससे कृषि और जीवन में संपन्नता आती है.
मां दुर्गा की उपासना के पर्व नवरात्रि को हिंदू धर्म में बहुत ही श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है. चैत्र प्रतिपदा के दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करके देवी दुर्गा का आह्वान करते हैं, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए अपनों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह सृष्टि के आरंभ और नए साल की पहली तिथि मानी जाती है. भक्त नौ दिनों तक मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. श्रद्धा और विश्वास के इस माहौल में लोग उपवास रखकर अपनी आध्यात्मिक शुद्धि करते हैं. अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन और हवन के साथ इन व्रतों का समापन किया जाता है.
यूं तो साल भर में चार बार नवरात्रि (दो गुप्त और दो प्रत्यक्ष) आती है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का सार्वजनिक उत्सव सबसे भव्य होता है. चैत्र नवरात्रि प्रकृति में बदलाव और नई ऊर्जा के संचार का समय है. इस दौरान किए गए व्रत और साधना से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2026 01:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

