Vat Savitri 2026 Messages: हैप्पी वट सावित्री! सुहागिनों के लिए पतिव्रता धर्म और समर्पण का पर्व आज, इन संदेशों के साथ सखियों को दें बधाई
आज के दौर में वट सावित्री व्रत के पावन अवसर पर सखी-सहेलियों को डिजिटल संदेश भेजने का भी चलन है. ऐसे में इस बेहद खास मौके पर आप भी इन शानदार हिंदी वॉट्सऐप विशेज, मैसेजेस, शायरी, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए हैप्पी वट सावित्री कहकर बधाई दे सकती हैं.
Vat Savitri 2026 Messages In Hindi: हिंदू धर्म में वैवाहिक निष्ठा और समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला 'वट सावित्री व्रत' (Vat Savitri Vrat) इस साल 16 मई 2026 को मनाया जा रहा है. ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को होने वाला यह व्रत सुहागिन महिलाओं (Married Women) के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखद दांपत्य जीवन के लिए निर्जला या फलाहारी व्रत रखकर वट वृक्ष (बरगद) की उपासना करती हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय है क्योंकि इसमें त्रिदेवों का वास माना गया है. वृक्ष की जड़ में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव निवास करते हैं. महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करती हैं और कुमकुम-अक्षत से पूजन करती हैं. धूप-दीप जलाने के बाद, वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटते हुए 7 या 108 बार परिक्रमा करने का विधान है.
आज के दौर में वट सावित्री व्रत के पावन अवसर पर सखी-सहेलियों को डिजिटल संदेश भेजने का भी चलन है. ऐसे में इस बेहद खास मौके पर आप भी इन शानदार हिंदी वॉट्सऐप विशेज, मैसेजेस, शायरी, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए हैप्पी वट सावित्री कहकर बधाई दे सकती हैं.
- वॉट्सऐप विश: "अखंड सौभाग्य का यह पर्व आपके जीवन में खुशियां और समृद्धि लाए. हैप्पी वट सावित्री!"
- शायरी संदेश: "सदा सुहागन रहो तुम, यही है मेरी दुआ, वट सावित्री के इस पावन दिन पर, बरसे ईश्वर की कृपा."
- GIF और फोटो एसएमएस: महिलाएं इस दिन पूजा के चित्रों और भक्तिमय कोट्स को सोशल मीडिया पर साझा कर एक-दूसरे का उत्साह बढ़ा रही हैं.





इस व्रत के पीछे माता सावित्री की अटूट श्रद्धा की कथा प्रचलित है. जब मृत्यु के देवता यमराज, सावित्री के पति सत्यवान के प्राण लेकर जाने लगे, तब सावित्री ने हार नहीं मानी और यमराज का पीछा किया. उनके पतिव्रता धर्म और तर्कों से प्रसन्न होकर यमराज ने सत्यवान के प्राण वापस लौटा दिए. यही कारण है कि आज भी महिलाएं सावित्री के उसी संकल्प को दोहराते हुए वट वृक्ष की पूजा करती हैं.
सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है. पूजन के दौरान चने और फल का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से न केवल पति को दीर्घायु मिलती है, बल्कि पूरे परिवार में सुख-शांति और संपन्नता का वास होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2026 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

