त्योहार

Bakrid Ka Chand Kab Dikhega 2026: सऊदी अरब, यूएई और भारत में कब दिखेगा चांद और कब होगी ईद-उल-अजहा?

साल 2026 में बकरीद यानी ईद-उल-अजहा का त्योहार मई के अंतिम सप्ताह में मनाए जाने की उम्मीद है. सऊदी अरब, यूएई और भारत में चांद दिखने की संभावित तारीखों का विवरण इस लेख में दिया गया है.

Bakrid Ka Chand Kab Dikhega 2026: सऊदी अरब, यूएई और भारत में कब दिखेगा चांद और कब होगी ईद-उल-अजहा?

इस्लामिक कैलेंडर के सबसे पवित्र महीनों में से एक 'धुल हिज्जा' का आगाज होने वाला है. साल 2026 में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की तारीखें धुल हिज्जा के चांद के दीदार पर निर्भर करेंगी. खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस साल खाड़ी देशों और भारतीय उपमहाद्वीप में चांद दिखने की तारीखों में एक दिन का अंतर होने की संभावना है. दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय के लिए यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है.

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में चांद का अनुमान

सऊदी अरब और यूएई सहित अधिकांश खाड़ी देशों में धुल हिज्जा का चांद शनिवार, 16 मई 2026 को देखे जाने की उम्मीद है. यदि इस दिन चांद नजर आता है, तो धुल हिज्जा का महीना 17 मई से शुरू होगा. इस गणना के आधार पर सऊदी अरब और यूएई में ईद-उल-अजहा (बकरीद) मंगलवार, 26 मई 2026 को मनाई जा सकती है. आधिकारिक पुष्टि वहां की सर्वोच्च अदालतों और चांद समितियों द्वारा की जाएगी.

भारत में चांद दिखने की संभावित तारीख

भारत में आमतौर पर खाड़ी देशों के एक दिन बाद चांद दिखाई देता है. भारत में धुल हिज्जा का चांद रविवार, 17 मई 2026 को देखे जाने की प्रबल संभावना है. यदि रविवार शाम को चांद का दीदार होता है, तो भारत में महीने की पहली तारीख 18 मई होगी. इस स्थिति में भारत में बकरीद का त्योहार बुधवार, 27 मई 2026 को मनाया जाएगा. यदि 17 मई को चांद नहीं दिखता है, तो यह त्योहार 28 मई तक जा सकता है.

बकरीद का महत्व और हज की शुरुआत

धुल हिज्जा के महीने का चांद दिखने के साथ ही वार्षिक हज यात्रा की मुख्य गतिविधियां भी शुरू हो जाती हैं. ईद-उल-अजहा इस महीने की 10वीं तारीख को मनाई जाती है. यह त्योहार केवल कुर्बानी का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दान, प्रार्थना और सामुदायिक एकजुटता का भी समय होता है. चांद दिखने के बाद शुरुआती 10 दिनों को इबादत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार

भले ही खगोलीय गणनाएं एक संभावित तारीख प्रदान करती हैं, लेकिन अंतिम फैसला भौतिक रूप से चांद देखने (Sighting) पर ही निर्भर करता है. भारत में नई दिल्ली की जामा मस्जिद, मुंबई की मरकजी रूयत-ए-हिलाल कमेटी और लखनऊ की हिलाल कमेटियां चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही बकरीद की सटीक तारीख का ऐलान करेंगी. नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख के लिए स्थानीय धार्मिक प्राधिकारियों की घोषणा का इंतजार करें.

(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2026 11:17 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).