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Ebola Outbreak in DR Congo: कांगो में इबोला का प्रकोप, 65 लोगों की मौत और 200 से अधिक संदिग्ध मामले, अफ्रीका सीडीसी ने जारी किया अलर्ट

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (DRC) के इतूरी प्रांत में इबोला वायरस तेजी से पैर पसार रहा है. अब तक 65 मौतें और 240 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिसके बाद पड़ोसी देशों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है.

Ebola Outbreak in DR Congo: कांगो में इबोला का प्रकोप, 65 लोगों की मौत और 200 से अधिक संदिग्ध मामले, अफ्रीका सीडीसी ने जारी किया अलर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

किंशासा/अदीस अबाबा, 15 मई: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (Democratic Republic of the Congo) (DRC) एक बार फिर इबोला वायरस (Ebola Virus) के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है.'अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (Africa Centres for Disease Control and Prevention) (Africa CDC) के अनुसार, देश के इतूरी प्रांत (Ituri Province) में अब तक लगभग 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं और 65 लोगों की मृत्यु हो चुकी है. प्रयोगशाला परीक्षणों में 20 में से 13 नमूनों में इबोला वायरस की पुष्टि हुई है. वर्तमान में वायरस के सटीक स्ट्रेन (Strain) का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है. यह भी पढ़ें: Hantavirus: इजरायल में हंतावायरस का पहला मामला, पूर्वी यूरोप की यात्रा के बाद संक्रमित हुआ मरीज; MV होंडियस आउटब्रेक के बीच बढ़ी चिंता

प्रभावित क्षेत्र और प्रसार का खतरा

इबोला का मुख्य प्रकोप मोंगवालु और रम्पारा स्वास्थ्य क्षेत्रों में देखा गया है, जबकि बुनिया शहर में भी कई संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित इलाकों में खनन गतिविधियों और लोगों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण वायरस के बड़े स्तर पर फैलने का खतरा है. विशेष रूप से युगांडा और दक्षिण सूडान की सीमाओं से निकटता ने क्षेत्रीय चिंताएं बढ़ा दी हैं.

वायरस के स्ट्रेन पर टिकी नजर

कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पुष्टि किए गए मामलों में से चार की मौत हो चुकी है. अधिकारी वर्तमान में अन्य संदिग्ध मामलों के सत्यापन में जुटे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि क्या यह 'नॉन-जायरे' (non-Zaire) स्ट्रेन है, क्योंकि इसी आधार पर उपचार के प्रोटोकॉल और वैक्सीन के इस्तेमाल की रणनीति तय की जाएगी.

क्या है इबोला वायरस रोग?

इबोला एक गंभीर और अक्सर जानलेवा बीमारी है. यह संक्रमित व्यक्तियों के शारीरिक तरल पदार्थ (जैसे पसीना, रक्त या लार), दूषित वस्तुओं या मृत शरीर के सीधे संपर्क में आने से फैलता है.

प्रमुख लक्षण:

  • तेज बुखार और थकान
  • मांसपेशियों में दर्द और उल्टी
  • दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव

शुरुआती पहचान, आइसोलेशन और सहायक देखभाल से जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है. यह भी पढ़ें: Viral Gastroenteritis: क्या है वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस? जानें पेट में होने वाले इस संक्रमण के लक्षण, बचाव और उपचार के सही तरीके

क्षेत्रीय समन्वय और आपातकालीन कदम

प्रकोप की गंभीरता को देखते हुए अफ्रीका सीडीसी ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ (UNICEF) के साथ एक आपातकालीन बैठक की है.

अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया ने कहा कि सीमाओं पर निगरानी, प्रयोगशाला क्षमता बढ़ाना और सुरक्षित दफन प्रक्रियाओं (Safe Burial Practices) को लागू करना प्राथमिकता है. प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जुड़ाव और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को भी मजबूत किया जा रहा है. अधिकारियों ने निवासियों से अपील की है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करें और संदिग्धों के संपर्क में आने से बचें.

(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2026 03:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).