'सामना' का सरकार पर तीखा प्रहार: 50 गाड़ियों के काफिले से बुलेट की सवारी तक, शिवसेना (UBT) ने 'सादगी' को बताया राजनीतिक नाटक
उद्धव ठाकरे (Photo Credits: IANS)

मुंबई, 15 मई: महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) में 'सादगी और मितव्ययता' (Austerity) को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है. शिवसेना (Shiv Sena) (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने शुक्रवार को अपने मुखपत्र 'सामना' (Saamna) के संपादकीय में भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार पर कड़ा हमला बोला है. उद्धव गुट ने सरकार को 'घरकोंबड़ा भूषण' (घर में दुबकने वाली) सरकार बताते हुए वर्तमान ईंधन संकट और आर्थिक नीतियों की तीखी आलोचना की है. यह भी पढ़ें: मैं उद्धव ठाकरे नहीं हूं जो जारी परियोजनाओं को रोक दूं... महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस का बड़ा बयान

दिखावे की सादगी पर सवाल

संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों को यात्रा से बचने और घर से काम करने की सलाह पर तंज कसा गया है. 'सामना' ने लिखा कि एक तरफ जनता से 'देशभक्ति' के नाम पर घर में रहने को कहा जा रहा है, वहीं प्रधानमंत्री खुद पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं.

लेख में प्रधानमंत्री के हालिया दिल्ली दौरे का जिक्र किया गया, जहाँ वे महज दो सुरक्षा वाहनों के साथ देखे गए थे. शिवसेना (UBT) ने सवाल उठाया कि "यदि इतने कम सुरक्षा घेरे में काम चल सकता था, तो पिछले 12 वर्षों से 50 गाड़ियों के विशाल काफिले की क्या आवश्यकता थी?"

मुख्यमंत्री की बाइक सवारी को बताया 'थिएटर'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा ईंधन बचाने के संदेश के साथ बुलेट से विधान भवन जाने की घटना को 'सामना' ने "नाटकीय" करार दिया है. संपादकीय के अनुसार, एक ओर मुख्यमंत्री बाइक की सवारी कर रहे हैं, तो दूसरी ओर हाल ही में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल होने के लिए अलग-अलग चार्टर्ड विमानों से गए थे। लेख में इस विरोधाभास को जनता के साथ मजाक बताया गया है.

ONGC की आर्थिक स्थिति पर चिंता

शिवसेना (UBT) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी (ONGC) के गिरते ग्राफ पर भी सरकार को घेरा. संपादकीय में दावा किया गया है कि:

  • वर्ष 2014 में कंपनी के पास 13,000 करोड़ रुपये का नकद भंडार था, जो अब कथित तौर पर 80,000 करोड़ रुपये के कर्ज में बदल गया है.
  • घरेलू तेल उत्पादन, जो 2014 में विश्व उत्पादन का 27% था, घटकर 13% रह गया है.

पार्टी ने सुझाव दिया कि भाजपा के खातों में जमा 10,000 करोड़ रुपये और पीएम केयर्स फंड की राशि को राष्ट्रीय खजाने में दान कर देना चाहिए, ताकि देश के आर्थिक संकट को कम किया जा सके.

विदेश नीति और ईंधन संकट

संपादकीय में तर्क दिया गया कि अमेरिकी दबाव के कारण रूस से सस्ता गैस न खरीदने की "डरपोक" विदेश नीति ने भारतीय जनता के लिए ईंधन संकट को और बढ़ा दिया है. साथ ही, यह भी याद दिलाया गया कि महामारी के दौरान जब उद्धव ठाकरे ने 'वर्क फ्रॉम होम' की सलाह दी थी, तब फडणवीस ने उनकी आलोचना की थी, लेकिन आज वे खुद उसी भूमिका को अपनाने की अपील कर रहे हैं.