SIR In Karnataka: कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी अंबुकुमार ने कहा है कि राज्यभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए 59,050 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की तैनाती की जाएगी. 12 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत कर्नाटक में करीब 5,55,74,064 मतदाताओं को कवर किया जाएगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मतदाताओं से घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान BLOs का पूरा सहयोग करने की अपील की है. VIDEO: चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान! 12 अन्य राज्यों में होगा SIR; जानें प. बंगाल, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा कहां अपडेट होगा Voter List
गौरतलब है कि भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने देशभर के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निर्देश दिया है. इसी के तहत कर्नाटक में भी यह अभियान चलाया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, राज्य में यह पुनरीक्षण प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानकर की जाएगी. निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में 14 मई 2026 को अधिसूचना जारी की थी.
कर्नाटक में पुनरीक्षण प्रक्रिया की शुरुआत 20 जून से 29 जून 2026 के बीच तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग कार्यों के साथ होगी. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण करेंगे. मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य 29 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
दावा और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है. इसके बाद नोटिस चरण और दावों एवं आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगी. अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी. निर्वाचन आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागितापूर्ण बताया है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी शामिल होंगे. पुनरीक्षण के दौरान BLOs घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और एकत्रित करेंगे.
फिलहाल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 25,284 बूथ लेवल एजेंट (BLAs) नियुक्त किए गए हैं. आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से हर मतदान केंद्र पर BLAs नियुक्त करने की अपील की है, ताकि प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.
पुनरीक्षण प्रक्रिया, फॉर्म और कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारियों, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारतीय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी.
बयान में यह भी कहा गया है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 14(b) के तहत मतदाता सूची के निर्माण या पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को अर्हता तिथि माना जाता है. वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी कहा कि कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जल्द शुरू होगा. उन्होंने कहा, “हम इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक तैयारियां भी करेंगे.”











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