वचनानंद स्वामी पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज: नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोप में घिरे हरिहर मठ के पूर्व प्रमुख
कर्नाटक के एक प्रभावशाली धार्मिक गुरु वचनानंद स्वामी के खिलाफ एक नाबालिग लड़के के यौन उत्पीड़न के आरोप में पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. यह घटना हरिहर स्थित मठ द्वारा संचालित एक हॉस्टल की है.
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बेंगलुरु/हरिहर, 15 मई: कर्नाटक (Karnataka) के एक प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्व और वीरशैव लिंगायत पंचमसाली गुरुपीठ (Veerashaiva Lingayat Panchamasali Gurupeeth) के पूर्व प्रमुख, वचनानंद स्वामी (Vachananand Swami) एक गंभीर आपराधिक मामले के केंद्र में हैं. एक नाबालिग लड़के (Minor Boy) के यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के आरोपों के बाद स्वामी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस खबर के सामने आने के बाद राज्य के धार्मिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है. यह भी पढ़ें: Pune Shocker: पुणे के थेउर में 6 साल की मासूम से यौन उत्पीड़न, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
क्या हैं वचनानंद स्वामी पर आरोप?
पीड़ित की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह मामला 2021 से 2024 के बीच का है. शिकायत में कहा गया है कि हरिहर तालुक के हनगावाड़ी में मठ द्वारा संचालित एक मुफ्त छात्रावास (Hostel) में रहने वाले 16 वर्षीय लड़के का कथित तौर पर बार-बार यौन शोषण किया गया.
आरोप है कि पूर्व सीयर (मठ प्रमुख) ने नाबालिग को अपने शरीर और निजी अंगों की मालिश करने के लिए मजबूर किया. शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इस अवधि के दौरान उन्होंने बच्चों के निजी अंगों को गलत तरीके से छुआ. पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे किसी को भी इस बारे में बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी.
पुलिस की कार्रवाई और जांच
इस मामले में सबसे पहले गदग जिले के लक्ष्मेश्वर पुलिस स्टेशन में 'जीरो एफआईआर' दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए हरिहर ग्रामीण पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया. पुलिस ने अब तक नाबालिग और उसके माता-पिता के बयान दर्ज कर लिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है.
कौन हैं वचनानंद स्वामी?
वचनानंद स्वामी कर्नाटक के हरिहर में एक महत्वपूर्ण धार्मिक संस्था, वीरशैव लिंगायत पंचमसाली गुरुपीठ के प्रमुख रह चुके हैं. पिछले महीने ही वे तब चर्चा में आए थे जब गुरु पीठ ट्रस्ट ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। उन पर बेंगलुरु में एक योग केंद्र को खाली करने से इनकार करने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद वे ट्रस्ट द्वारा हटाए गए दूसरे सीयर बन गए थे. यह भी पढ़ें: Mumbai Police Officer Arrested: मुंबई में शर्मनाक वारदात, नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस अधिकारी गिरफ्तार
संस्थागत सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला धार्मिक संस्थानों, विशेष रूप से नाबालिगों के लिए आवासीय छात्रावास संचालित करने वाली संस्थाओं के भीतर बच्चों की सुरक्षा के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. कथित शोषण तीन शैक्षणिक वर्षों (कक्षा 6 से 8) तक चलता रहा, जो प्रबंधन की निगरानी और जवाबदेही में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है.
आरोपी के कद और इसमें शामिल धार्मिक समुदाय को देखते हुए, आने वाले दिनों में इस मामले के राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ने की पूरी संभावना है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2026 03:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

