NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव: अगले साल से कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान
धर्मेंद्र प्रधान (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 15 मई: देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (Medical Entrance Examination) 'नीट' (NEET) को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री (Union Education Minister) धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अगले साल से नीट परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (Computer-Based Test) मॉडल पर शिफ्ट हो जाएगी. राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने परीक्षाओं को ऑनलाइन आयोजित करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके. यह भी पढ़ें: NEET (UG) 2026 की नई तारीख घोषित: पेपर लीक विवाद के बाद NTA का फैसला, अब 21 जून को होगी परीक्षा

सिस्टम में सुधार और 'शिक्षा माफिया' पर वार

शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि कमांड की श्रृंखला में कहीं न कहीं चूक हुई है, जिसके कारण सिस्टम में सेंध लगी. उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू किया जा रहा है और सिस्टम को मजबूत करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने इसे देश के 'शिक्षा माफिया' के खिलाफ एक "लंबी और निरंतर लड़ाई" करार दिया. वर्तमान में सीबीआई (CBI) इस मामले की कई स्तरों पर जांच कर रही है ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके.

21 जून की पुनः परीक्षा: छात्रों के लिए राहत के कदम

मंत्री ने छात्रों की चिंताओं को दूर करते हुए आश्वासन दिया कि पूरी सरकारी मशीनरी यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार कोई गड़बड़ी न हो. उन्होंने 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:

  • एडमिट कार्ड: सभी उम्मीदवारों को 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे.
  • शहर का विकल्प: छात्रों को परीक्षा के लिए अपनी पसंद का शहर चुनने का अवसर मिलेगा, जिसके लिए एक सप्ताह की 'विंडो' खोली जाएगी.
  • अतिरिक्त समय: ओएमआर (OMR) शीट में विवरण भरने के लिए छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा.
  • फीस रिफंड: रद्द हुई परीक्षा की फीस छात्रों को वापस की जाएगी और पुनः परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह भी पढ़ें: NEET UG Paper Expected Date: NTA ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा क्यों रद्द की? जानें दोबारा कब होंगे एग्जाम

भविष्य की तैयारी: ऑनलाइन मॉडल की ओर कदम

शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार ने पेपर-आधारित प्रारूप को छोड़कर ऑनलाइन मोड अपनाने का मन बना लिया है. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर आधारित मॉडल अधिक सुरक्षित और पारदर्शी है.  इससे न केवल पेपर लीक की संभावना कम होगी, बल्कि मूल्यांकन की प्रक्रिया भी तेज और सटीक हो जाएगी.