Raisina Dialogue 2026: दिल्ली में आज से शुरू हो रहा वैश्विक कूटनीति का महाकुंभ, फिनलैंड के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि
भारत के प्रमुख भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक सम्मेलन 'रायसीना डायलॉग' का 11वां संस्करण आज से नई दिल्ली में शुरू हो रहा है. तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया भर के नीति निर्माता, राष्ट्राध्यक्ष और विशेषज्ञ वैश्विक चुनौतियों पर मंथन करेंगे.
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Raisina Dialogue 2026: भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों (Geopolitics And Geo-Economics) पर केंद्रित भारत के प्रमुख सम्मेलन 'रायसीना डायलॉग' (Raisina Dialogue) का 11वां संस्करण आज, गुरुवार से नई दिल्ली (Delhi) में शुरू हो रहा है. 2016 में शुरू हुआ यह वार्षिक आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा करने के लिए भारत का सबसे महत्वपूर्ण मंच बन चुका है. विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (Ministry of External Affairs and Observer Research Foundation) (ORF) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर के दिग्गज नेता, शिक्षाविद और रणनीतिक विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: पीएम मोदी ने ओमान और कुवैत के नेताओं से की चर्चा, भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर दिया विशेष जोर
'सैमस्कारा' थीम पर केंद्रित है इस बार का सम्मेलन
इस वर्ष के रायसीना डायलॉग की थीम 'सैमस्कारा - असर्शन, एकोमोडेशन, एडवांसमेंट' (Samskara – Assertion, Accommodation, Advancement) रखी गई है. आयोजकों के अनुसार, यह थीम इस बात पर आधारित है कि सभ्यताएं अपनी पहचान को कैसे बनाए रखती हैं, विभिन्नताओं को कैसे स्वीकार करती हैं और निरंतर सुधार के माध्यम से कैसे आगे बढ़ती हैं। सम्मेलन के दौरान बदलती वैश्विक परिस्थितियों, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और आर्थिक लचीलेपन जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी.
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का जमावड़ा
सम्मेलन में भाग लेने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब इस वर्ष मुख्य अतिथि और कीनोट स्पीकर (मुख्य वक्ता) के रूप में शामिल हो रहे हैं। अमेरिका की ओर से उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं.
इसके अलावा, भूटान के विदेश मंत्री ल्योंपो दीना नाथ ढुंगेल, सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉर, मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल और श्रीलंका की विदेश मंत्री विजिता हेराथ सहित कई अन्य देशों के प्रतिनिधि आज सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे.
कूटनीति का महत्वपूर्ण मंच
रायसीना डायलॉग पिछले एक दशक में दुनिया भर के नीति निर्माताओं के बीच संवाद का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. यह मंच न केवल अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए बहस का अवसर देता है, बल्कि वैश्विक शासन ढांचे (global governance frameworks) के भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 05, 2026 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

