नई दिल्ली: ईरान (Iran) और खाड़ी देशों (Gulf Region) के बीच जारी सैन्य संघर्ष के मद्देनजर भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक (Oman Sultan Haitham bin Tarik) और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबह (Kuwait Sheikh Sabah Al-Khaled Al-Hamad Al-Mubarak Al-Sabah) के साथ अलग-अलग टेलीफोन पर बातचीत की. प्रधानमंत्री ने इन देशों में हुए हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई को लेकर चर्चा की. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: मिडल ईस्ट में बिगड़े हालात के बीच सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में रहने वालों के परिजन परेशान, अपनों की सलामती की कर रहे दुआ
भारत का कूटनीतिक रुख: शांति और संयम का आह्वान
विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत इस संघर्ष के शुरू होने (28 फरवरी, 2026) के बाद से ही सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान करता रहा है.
मंत्रालय के अनुसार, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रमजान के पवित्र महीने में क्षेत्र की स्थिति लगातार और काफी बिगड़ गई है. संघर्ष अब अन्य देशों में भी फैल गया है, जिससे जान-माल का नुकसान बढ़ रहा है और सामान्य जनजीवन व आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं.' भारत ने एक बार फिर बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवाद के जल्द समाधान पर जोर दिया है.
भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनकी सुरक्षा और कल्याण भारत सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम किसी भी ऐसी घटना के प्रति उदासीन नहीं रह सकते जो हमारे नागरिकों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इस संघर्ष में कुछ भारतीयों के हताहत होने या लापता होने की भी खबरें हैं, जो अत्यंत दुखद है.'
क्षेत्र में भारत के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी इस संघर्ष का गहरा प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने स्पष्ट रूप से व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों का विरोध किया है और कहा है कि कोई भी बड़ी बाधा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है. यह भी पढ़ें: Israel-Iran War: मिडल ईस्ट युद्ध के बीच मोदी सरकार का राज्यों को अलर्ट; गृह मंत्रालय ने विरोध प्रदर्शनों पर सतर्क रहने के निर्देश जारी किए
भारतीय दूतावासों की सक्रियता
संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों और सामुदायिक संगठनों के साथ निरंतर संपर्क में हैं. विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि दूतावासों द्वारा नियमित परामर्श (advisories) जारी किए जा रहे हैं और संघर्ष के कारण फंसे भारतीयों को हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपने समकक्षों के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं ताकि राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा सके.












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