Lunar Eclipse 2026: भारत में दिखा दुर्लभ 'ब्लड मून', पूर्वोत्तर राज्यों में चंद्र ग्रहण का नजारा रहा सबसे भव्य (Watch Videos)
चंद्र ग्रहण (Photo Credits: X\@PTI)

Lunar Eclipse 2026: मंगलवार, 3 मार्च 2026 को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली. पृथ्वी के सूर्य और चंद्रमा के बीच आने से लगा पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई दिया. इस दौरान चंद्रमा (Moon) का रंग गहरा लाल हो गया, जिसे 'ब्लड मून' (Blood Moon) के नाम से जाना जाता है. यह खगोलीय नजारा भारत में होली (Holi) के त्योहार के दिन हुआ, जिससे इसका सांस्कृतिक और खगोलीय महत्व और भी बढ़ गया.

भारत में अधिकांश जगहों पर चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर में हुई, लेकिन चंद्रमा के क्षितिज पर उदय होने के कारण अधिकांश शहरों में इसके अंतिम चरण ही दिखाई दिए. हालांकि, पूर्वोत्तर भारत (असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय) और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आकाश साफ होने के कारण इस घटना का भव्य नजारा देखने को मिला. कोलकाता सहित अन्य शहरों में भी लोगों ने इस अद्भुत खगोलीय घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए. यह भी पढ़ें: Lunar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज, भारत में दिखेगा 'ब्लड मून', जानें आपके शहर में क्या है दिखने का समय

क्यों 'लाल' दिखता है चंद्रमा?

खगोलविदों के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है, तो वह सूर्य की सीधी रोशनी को चंद्रमा तक पहुंचने से रोक देती है. इस दौरान पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूर्य की किरणों में से नीला प्रकाश बिखर जाता है और केवल लंबी तरंग दैर्ध्य वाली लाल और नारंगी किरणें ही चंद्रमा की सतह तक पहुंच पाती हैं. इसी कारण चंद्रमा का रंग तांबे जैसा या गहरा लाल दिखाई देता है, जिसे 'ब्लड मून' कहा जाता है. यह भी पढ़ें: Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, दिल्ली से मुंबई-बेंगलुरु तक भारत में कब दिखेगा 'ब्लड मून'? जानें टाइमिंग

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खगोलीय और सांस्कृतिक महत्व

यह घटना भारतीय समयनुसार दोपहर 3:20 बजे शुरू हुई और शाम 6:47 बजे तक समाप्त हुई. पूर्ण ग्रहण (totality) की अवधि शाम 4:34 बजे से 5:33 बजे के बीच रही. जहाँ विज्ञान के छात्रों और खगोल प्रेमियों के लिए यह एक अध्ययन का अवसर था, वहीं हिंदू परंपराओं में इसे एक संवेदनशील समय माना गया और कई मंदिरों में इस दौरान दर्शन के समय में बदलाव भी किए गए.

यह वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण था, और संयोगवश इस बार यह रंगों के त्योहार 'होली' के साथ एक ही दिन पड़ा, जिससे इसे देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया.