Indore Shocking News: इंदौर में होली से पहले दुखद हादसा, सीवर की सफाई करने उतरे 2 कर्मचारियों की दम घुटने से मौत
Dead

Indore Shocking News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ. शहर की ड्रेनेज लाइन की सफाई करने उतरे इंदौर नगर निगम (IMC) के दो सफाई कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई. यह घटना चोइथराम सब्जी मंडी गेट के पास हुई. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दोनों पीड़ित परिवारों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं.

कैसे हुआ हादसा?

पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब सफाई मशीन (सक्शन मशीन) का एक पाइप टूटकर चैंबर के अंदर गिर गया था. मृतक कर्मचारियों की पहचान करण यादव और अजय डोडिया के रूप में हुई है.  यह भी पढ़े:  MP Road Accident: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में 20 फीट गहरी खाई में बस गिरने से दो महिलाओं की मौत, कई घायल

नगर निगम द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, कर्मचारी सेप्टिक टैंक खाली करने के बाद ड्रेनेज लाइन चैंबर में पानी छोड़ रहे थे. इसी दौरान पाइप को निकालने के प्रयास में एक कर्मचारी अंदर उतरा और जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया. उसे बचाने के लिए दूसरा साथी भी अंदर गया, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आ गया.

सुरक्षा उपकरणों की कमी के आरोप

घटना के बाद मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि दोनों कर्मचारी बिना किसी पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (Safety Gear) के ही सीवर चैंबर के अंदर उतरे थे. स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद एम्बुलेंस और राहत टीम पहुंचने में काफी समय लगा, जिसके कारण स्थानीय राहगीरों ने खुद उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की थी.

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच

इंदौर के पुलिस उपायुक्त (DCP) श्रीकृष्णा लालचंदानी ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है. इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया. प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी.

मुआवजे और कानूनी सहायता का प्रावधान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि 2023 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, सीवर से संबंधित मौतों के मामलों में 30 लाख रुपये का मुआवजा अनिवार्य है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सहायता राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों तक पहुँचाई जाए ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में आर्थिक सहारा मिल सके.