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Heart Attack: एमपी के ग्वालियर में कार चालक के लिए 'देवदूत' बना पेट्रोल पंप कर्मचारी अरमान खान, हार्ट अटैक के बाद CPR देकर बचाई जान

ग्वालियर के डबरा में एक पेट्रोल पंप कर्मचारी की सूझबूझ से एक कार चालक की जान बच गई. हार्ट अटैक आने के बाद जमीन पर गिरे चालक को कर्मचारी अरमान खान ने 55 सेकंड तक लगातार सीपीआर (CPR) दिया, जिससे उसकी धड़कनें वापस लौट आईं

Heart Attack: एमपी के ग्वालियर में कार चालक के लिए 'देवदूत' बना पेट्रोल पंप कर्मचारी अरमान खान, हार्ट अटैक के बाद  CPR देकर बचाई जान

Petrol Pump Staff Saves Driver:  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा से मानवता और सूझबूझ की एक प्रेरक घटना सामने आई है. सोमवार, 26 जनवरी को एक पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने आए कार चालक को अचानक दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा और वह जमीन पर गिर गया. वहां तैनात पंप कर्मचारी अरमान खान ने बिना समय गंवाए करीब 55 सेकंड तक लगातार सीपीआर (CPR) देकर चालक की धड़कनें वापस लौटा दीं. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और कर्मचारी की हर तरफ सराहना की जा रही है.

देखते ही देखते थम गई थीं सांसें

यह घटना डबरा स्थित 'श्रीराम फिलिंग स्टेशन' की है. चश्मदीदों के अनुसार, चालक अपनी कार में ईंधन भरवाने के बाद जैसे ही गाड़ी में बैठने लगा, उसे सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा. पंप पर मौजूद अन्य लोग घबरा गए, लेकिन कर्मचारी अरमान खान तुरंत स्थिति को समझ गए. उन्होंने पाया कि चालक की नाड़ी (Pulse) नहीं चल रही थी और वह सांस नहीं ले पा रहा था. यह भी पढ़े:  Cricketer Dies of Heart Attack: क्रिकेट पिच पर पसरा मातम! मेरठ में मैच खेलते हुए 50 वर्षीय क्रिकेटर अहमर खान का हार्ट अटैक से मौत

पेट्रोल पंप कर्मचारी ने कार चालक की बचाई जान

 कड़ी मशक्कत और मिला जीवनदान

बिना किसी देरी के अरमान खान ने पीड़ित को प्राथमिक चिकित्सा देना शुरू किया. उन्होंने करीब एक मिनट तक लगातार 'चेस्ट कम्प्रेशन' (छाती दबाना) किया. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि लगभग 55 सेकंड तक पूरी ताकत से सीपीआर देने के बाद चालक के शरीर में हलचल शुरू हुई और उसने आंखें खोल दीं. होश में आने के बाद पीड़ित को तुरंत निजी वाहन से डबरा सिविल अस्पताल ले जाया गया.

'गोल्डन ऑवर' में मिली मदद ने बचाई जान

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट अटैक के शुरुआती समय यानी 'गोल्डन ऑवर' में अरमान खान द्वारा दी गई मदद ही चालक के बचने का मुख्य कारण बनी. डॉक्टरों के अनुसार, यदि मौके पर तुरंत सीपीआर न मिलता, तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही स्थिति घातक हो सकती थी. अरमान ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा प्रशिक्षण वीडियो के माध्यम से इस तकनीक के बारे में सीखा था.

ग्वालियर में नागरिक बहादुरी का बढ़ता चलन

ग्वालियर में नागरिकों और पुलिसकर्मियों द्वारा सीपीआर देकर जान बचाने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले सब-इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध और सब-इंस्पेक्टर सोनम पाराशर भी इसी तरह सड़क पर गिरे नागरिकों की जान बचाकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुके हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर नागरिक सीपीआर की बुनियादी जानकारी रखे, तो कार्डियक अरेस्ट के दौरान जीवित रहने की संभावना दो से तीन गुना बढ़ सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2026 11:11 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).