8th Pay Commission: केंद्र सरकार द्वारा पिछले साल नवंबर में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन और उसके 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (Terms of Reference) अधिसूचित करने के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees) और पेंशनभोगियों (Pensioners) के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. हालांकि, कई कर्मचारी संगठनों ने असंतोष जताया है और दावा किया है कि उनकी प्रमुख मांगें वेतन आयोग (Pay Commission) के ढांचे में पूरी तरह से परिलक्षित नहीं हो रही हैं. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, बढ़ती DA से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में मजबूत फिटमेंट बढ़ोतरी के संकेत
मेडिकल भत्ते और वेतन वृद्धि पर बड़ी मांगें
वेतन आयोग की प्रक्रिया में तेजी आने के साथ ही कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं. अब चर्चा केवल फिटमेंट फैक्टर या मूल वेतन संशोधन तक सीमित नहीं है. वर्तमान में सबसे प्रमुख प्रस्तावों में से एक 'फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस' (FMA) को बढ़ाने का है.
- कर्मचारी संगठनों की मांग है कि जो कर्मचारी और पेंशनभोगी सीजीएचएस (CGHS) क्षेत्रों से बाहर रहते हैं, उनका मेडिकल भत्ता 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह किया जाए.
- यूनियनों का तर्क है कि बढ़ती मेडिकल महंगाई को देखते हुए 1,000 रुपये की राशि अपर्याप्त है, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए.
- इसके अलावा, वार्षिक इंक्रीमेंट को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव दिया गया है.
वेतन आयोग की औपचारिक कार्यवाही शुरू
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में जनपथ स्थित चंद्रलोक भवन में अपना कार्यालय शुरू कर दिया है, जो औपचारिक कार्यवाही के आरंभ का संकेत है. हाल ही में 25 फरवरी से शुरू हुई 'एनसी जेसीएम' (NC JCM) स्टाफ साइड ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में लगभग एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मांगों का एक एकीकृत चार्टर तैयार किया गया है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को कितना मिल सकता है एरियर? वेतन और भत्तों पर जानें लेटेस्ट अपडेट
अन्य प्रमुख प्रस्ताव और पुरानी पेंशन की मांग
इस चार्टर में कई महत्वपूर्ण सुधार शामिल किए गए हैं:
- फिटमेंट फैक्टर:25 का फिटमेंट फैक्टर निर्धारित करना.
- लीव इनकैशमेंट: अवकाश नकदीकरण की सीमा को 300 दिनों से बढ़ाकर 400 दिन करना.
- अन्य लाभ: वेतन गणना के लिए परिवार इकाइयों को तीन से पांच करना और एलटीसी (LTC) का नकद भुगतान.
इसके साथ ही, एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) को खत्म करके पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को बहाल करने की मांग को भी पुरजोर तरीके से दोहराया गया है. हालांकि, सरकार ने इस पर अभी तक कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 8वां वेतन आयोग इन मांगों को किस हद तक स्वीकार करता है और कर्मचारियों को कितनी वित्तीय राहत मिलती है.













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