8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, बढ़ती DA से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में मजबूत फिटमेंट बढ़ोतरी के संकेत
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8th Pay Commission Update. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सुगबुगाहट तेज हो गई है. हाल ही में आए महंगाई भत्ते (DA) के आंकड़ों ने नए वेतन आयोग के तहत 'फिटमेंट फैक्टर' की पहली मजबूत तस्वीर पेश की है. वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत DA अब 60 प्रतिशत के आंकड़े को छू रहा है, जिससे शुरुआती गणना संकेत दे रही है कि नया फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम होने की संभावना नहीं है.

 फिटमेंट फैक्टर का गणितीय आधार

महंगाई भत्ता, जो कर्मचारियों को मुद्रास्फीति से राहत देता है, लेबर ब्यूरो द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर लगातार बढ़ रहा है. दिसंबर 2025 में CPI-IW 148.2 पर रहा, जिससे जनवरी से जून 2026 की अवधि के लिए 2 प्रतिशत की अतिरिक्त DA वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है.  यह भी पढ़े: 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा बंपर इजाफा, जानें कब लागू होंगी सिफारिशें और कितना मिलेगा एरियर

इसके साथ ही कुल DA लगभग 60.34 प्रतिशत हो गया है. मानक वेतन आयोग फार्मूले के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर मौजूदा मूल वेतन (Basic Pay) पर एक मल्टीप्लायर के रूप में काम करता है. यदि मूल वेतन 100 है और इसमें 60 प्रतिशत DA जोड़ा जाता है, तो यह प्रभावी रूप से 160 हो जाता है. यह सीधे तौर पर 1.60 के फिटमेंट फैक्टर में बदल जाता है, जो 8वें वेतन आयोग के लिए न्यूनतम तार्किक आधार (Minimum Logical Floor) माना जा रहा है.

क्यों 1.60 से भी अधिक हो सकता है फिटमेंट फैक्टर?

विशेषज्ञों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.60 से काफी ऊपर जा सकता है. इसके पीछे मुख्य कारण कोविड-19 के दौरान रोकी गई DA की तीन किस्तें हैं. विश्लेषकों का तर्क है कि यदि वे वृद्धियां समय पर लागू की गई होतीं, तो आज DA का स्तर 60 प्रतिशत से कहीं अधिक होता.

इसके अलावा, यदि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है, तो इसके कार्यान्वयन में समय लग सकता है. इस दौरान महंगाई बढ़ने से DA 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में, 1.8 या 1.9 का फिटमेंट फैक्टर अधिक वास्तविक नजर आता है.

वेतन, पेंशन और भत्तों पर सीधा असर

फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर संशोधित मूल वेतन को प्रभावित करता है.

  • सैलरी में वृद्धि: मूल वेतन बढ़ने से सीधे तौर पर हाथ में आने वाली (Take-home) सैलरी बढ़ जाएगी.

  • पेंशन: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन गणना में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाएगा.

  • भत्ते: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) जैसे भत्ते भी संशोधित मूल वेतन के आधार पर तय किए जाएंगे.

कर्मचारियों की उम्मीदें

कर्मचारी संगठन लगातार उच्च फिटमेंट फैक्टर की वकालत कर रहे हैं. उनका तर्क है कि वेतन संशोधन में न केवल वर्तमान महंगाई बल्कि महामारी के दौरान छूटी हुई DA किस्तों की भरपाई भी शामिल होनी चाहिए. फिलहाल केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन या समयरेखा पर औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन DA के 60 प्रतिशत पार होने ने भविष्य के वेतन ढांचे की मजबूत नींव रख दी है.