8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा बंपर इजाफा, जानें कब लागू होंगी सिफारिशें और कितना मिलेगा एरियर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central government) ने देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों (50 Lakh Central Government Employees) और 69 लाख पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. सरकार ने आयोग के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (Terms of Reference) (ToR) को भी मंजूरी दे दी है, जिससे वेतन और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है. नए वेतन ढांचे की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में हो सकता है भारी इजाफा; जानें कितना बढ़ेगा वेतन और क्या हैं उम्मीदें

आयोग का गठन और मुख्य सदस्य

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी. वह इस महत्वपूर्ण पद को संभालने वाली पहली महिला होंगी. पैनल के अन्य प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:

  • पुलक घोष: आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर (अंशकालिक सदस्य).
  • पंकज जैन: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव (सदस्य सचिव).

इस पैनल को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

फिटमेंट फैक्टर: कितनी बढ़ेगी सैलरी?

8वें वेतन आयोग में सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. वर्तमान में (7वें वेतन आयोग के तहत) यह 2.57 है, जिसके कारण न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 तय किया गया था.

अनुमानित बढ़ोतरी: विशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.28 से 2.86 के बीच रखा जा सकता है।वेतन में उछाल: यदि फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹34,000 से ₹41,000 के बीच पहुंच सकता है.

एरियर (Arrears) की क्या है स्थिति?

चूंकि आयोग को रिपोर्ट सौंपने में 18 महीने लगेंगे, इसलिए वास्तविक कार्यान्वयन में देरी हो सकती है. हालांकि, सरकार आमतौर पर वेतन संशोधनों को पिछली तारीख (Retrospective) से लागू करती है.

पेंशनर्स को भी बड़ी राहत

आयोग न केवल सेवारत कर्मचारियों बल्कि पेंशनभोगियों के लिए भी पेंशन ढांचे की समीक्षा करेगा.  अनुमान है कि न्यूनतम पेंशन, जो वर्तमान में ₹9,000 है, बढ़कर ₹20,000 के पार जा सकती है. इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA), जो जनवरी 2026 तक 60% के पार पहुंचने की संभावना है, उसे मूल वेतन में विलय (Merge) करने पर भी विचार किया जा सकता है.