Khamenei Protests in Mumbai: खामेनेई की हत्या को लेकर मुंबई में भी विरोध प्रदर्शन, पुलिस अलर्ट पर, दूतावासों-संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाई गई
मुंबई पुलिस/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

मुंबई. पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध का असर अब भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी दिखने लगा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद मुंबई के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और महत्वपूर्ण ठिकानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.

दूतावासों-संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा सख्त

पुलिस ने विशेष रूप से दक्षिण मुंबई स्थित अमेरिकी और इजरायली दूतावासों के साथ-साथ ईरानी वाणिज्य दूतावास के बाहर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है. अधिकारियों को डर है कि प्रदर्शनों की आड़ में शरारती तत्व हिंसा या तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों को उन इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं जहां विदेशी नागरिकों और पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है.  यह भी पढ़े:  Khamenei Protests in India: अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में बेंगलुरु में प्रदर्शन, कर्नाटक सरकार ने कहा- कानून तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस की कड़ी निगरानी और चेतावनी

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में ईरान के समर्थन या विरोध में निकलने वाले मार्च पर ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने स्थानीय समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.

अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का स्थानीय प्रभाव

28 फरवरी, 2026 को तेहरान में एक हवाई हमले के दौरान अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है. भारत में भी, विशेषकर शिया बहुल क्षेत्रों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. मुंबई के डोंगरी और भेंडी बाजार जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.

सुरक्षा एजेंसियों का अगला कदम

आने वाले दिनों में स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में नाकेबंदी और गश्त तेज कर दी है. सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोका जा सके. गृह विभाग लगातार पुलिस आयुक्त के संपर्क में है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है.