Khamenei Protests in India: अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में बेंगलुरु में प्रदर्शन, कर्नाटक सरकार ने कहा- कानून तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बेंगलुरु में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाया है. वहीं, राज्य सरकार मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच वहां फंसे कन्नडिगाओं की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार के लगातार संपर्क में है.
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Khamenei Protests in India: कर्नाटक (Karnataka) के गृह मंत्री जी. परमेश्वर (State Home Minister G. Parameshwara) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि बेंगलुरु (Bengaluru) में ईरान के सर्वोच्च नेता (Iran's Supreme Leader) अयातुल्ला खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की हत्या के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान यदि कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो सरकार उचित कानूनी कार्रवाई (Legal Action) करेगी. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई निश्चित है. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: मिडल ईस्ट में बिगड़े हालात के बीच सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में रहने वालों के परिजन परेशान, अपनों की सलामती की कर रहे दुआ
विरोध प्रदर्शन पर गृह मंत्री की चेतावनी
गृह मंत्री ने विरोध प्रदर्शनों के आयोजन स्थल को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं.
- प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने के लिए 'फ्रीडम पार्क' का उपयोग करना चाहिए था.
- यह मायने नहीं रखता कि प्रदर्शन में विधायक शामिल हुए या नहीं, नियम सभी के लिए एक समान हैं.
- यदि कोई भी कानून का उल्लंघन करता है, तो राज्य सरकार कानूनी कदम उठाने पर विचार करेगी.
जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि क्या केंद्र ने राज्यों को खामेनेई के समर्थन में होने वाले प्रदर्शनों की निगरानी के लिए कोई निर्देश दिए हैं, तो मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें मीडिया में देखी गई हैं, लेकिन आधिकारिक स्तर पर कोई अपडेट नहीं मिला है.
मध्य पूर्व में फंसे भारतीयों के लिए केंद्र से संपर्क
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच राज्य सरकार ने वहां फंसे भारतीयों और कन्नडिगाओं की सहायता के लिए केंद्र को पत्र लिखा है.
- वहां हजारों लोग कार्यरत हैं, जिनमें से कुछ 10-20 वर्षों से बसे हैं, जबकि कुछ लोग छुट्टियां या व्यावसायिक यात्राओं पर वहां गए थे.
- मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक के मुख्य सचिव ने भारत सरकार से इन लोगों को सुरक्षा प्रदान करने और सुरक्षित वापस लाने का अनुरोध किया है.
- मंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी कन्नडिगा सुरक्षित रूप से राज्य में वापस लौट आएंगे. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: पीएम मोदी ने सऊदी अरब और बहरीन के नेताओं से की बात, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर
आधिकारिक जानकारी और राहत कार्य
वर्तमान में, संघर्ष के कारण किसी भारतीय की मृत्यु या चोटिल होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है. विदेश मंत्रालय से कोई आधिकारिक जानकारी न मिलने के कारण फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों से बचना चाहिए.
राज्य के कुछ विधायकों के भी उस क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी, जिनसे संपर्क करने के प्रयास किए जा रहे हैं. जेडी(एस) एमएलसी एस.एल. भोजेगौड़ा ने बताया कि उनके ठहरने की जगह के पास एक मिसाइल गिरी थी, जिसके बाद उन्हें और अन्य लोगों को बंकरों में स्थानांतरित किया गया और वे अब सुरक्षित हैं. सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और केंद्र के साथ समन्वय कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 03, 2026 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

