Middle East Conflict: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बिगड़ते सुरक्षा हालातों ने भारत में लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू की गई सैन्य कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान के जवाबी हमलों ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है.
खाड़ी देशों में भारतीयों की बड़ी आबादी
वर्तमान में खाड़ी देशों (GCC) में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं. इनमें से अकेले UAE में 35 लाख और सऊदी अरब में लगभग 25 लाख भारतीय कार्यरत हैं. संघर्ष के विस्तार के साथ ही इन देशों के प्रमुख शहरों में धमाकों की खबरें और हवाई मार्ग बंद होने से भारत में मौजूद उनके परिजन अपनों की सलामती के लिए दुआएं कर रहे हैं.
भारत सरकार की तैयारी और हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय (MEA) स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय नेताओं से बात कर भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. मंत्रालय ने विभिन्न देशों के लिए 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
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सऊदी अरब (रियाद/जेद्दा): 800-247-1234 (टोल-फ्री)
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UAE (अबू धाबी/दुबई): 800-46342
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कतर (दोहा): 00974-55647502
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कुवैत: +965-65501946
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ईरान (तेहरान): +98 912 810 9115
विमान सेवाओं पर असर और निकासी की योजना
युद्ध के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने से हजारों भारतीय खाड़ी देशों के हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं. सरकार ने फंसे हुए नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की योजना बनाई है. एतिहाद एयरवेज और इंडिगो जैसी एयरलाइंस जेद्दा और अबू धाबी से राहत उड़ानें संचालित कर रही हैं.
सुरक्षा को लेकर बढ़ता डर
3 मार्च की सुबह सऊदी अरब की राजधानी रियाद और जेद्दा के पास धमाकों और धुएं के गुबार देखे जाने की खबरों ने डर को और बढ़ा दिया है. अमेरिकी मिशन ने अपने नागरिकों को 'शेल्टर इन प्लेस' (जहाँ हैं वहीं रहने) की सलाह दी है. झारखंड और केरल जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर खाड़ी देशों में फंसे अपने प्रवासियों के लिए विशेष 'माइग्रेंट सेल' बनाने की मांग की है.
भारतीय प्रवासियों के लिए जरूरी सलाह
विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों से अपील की है कि:
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अपने संबंधित दूतावास (Embassy) के साथ पंजीकरण (Registration) करें.
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स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें.
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अनावश्यक यात्रा से बचें और अपने यात्रा दस्तावेज (Passport) तैयार रखें.
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सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं या अफवाहों से बचें.













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