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Silver Rate Today: मिडिल ईस्ट संकट के चलते चांदी में रिकॉर्ड तेजी, 3 लाख के करीब पहुंचे दाम; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के आज के ताज़ा भाव

पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-इजरायल युद्ध के बीच वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. 2 मार्च 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की औसत कीमत 2,94,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में यह 3.25 लाख रुपये के पार निकल गई है.

Silver Rate Today: मिडिल ईस्ट संकट के चलते चांदी में रिकॉर्ड तेजी, 3 लाख के करीब पहुंचे दाम; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के आज के ताज़ा भाव

Silver Rate Today:  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक संकट और ईरान-इजरायल के बीच जारी सीधे संघर्ष ने कीमती धातुओं के बाजार में उथल-पुथल मचा दी है. सोमवार, 2 मार्च 2026 को भारतीय बाजार में चांदी की कीमतें अपने उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के बाद वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) के रूप में चांदी और सोने का रुख किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 95 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई है.

प्रमुख शहरों में चांदी का आज का भाव

भारत के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और मांग के आधार पर चांदी की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है. दक्षिण भारतीय शहरों में ऊंची मांग के कारण कीमतें प्रीमियम पर चल रही हैं.  यह भी पढ़े:  Silver Rate Today, March 01, 2026: चांदी की कीमतों में मजबूती, जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में आज के ताज़ा भाव

शहर चांदी की कीमत (प्रति किलो)
दिल्ली ₹2,94,900
मुंबई ₹2,94,900
चेन्नई ₹3,25,100
हैदराबाद ₹3,25,100
बेंगलुरु ₹2,94,900
कोलकाता ₹2,94,900
अहमदाबाद ₹2,94,900
केरल ₹3,25,100

युद्ध और 'सेफ हेवन' निवेश का प्रभाव

चांदी की कीमतों में आई इस तेजी का मुख्य कारण पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध है. जब भी वैश्विक राजनीति में अस्थिरता आती है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने और चांदी में निवेश करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी के निचले स्तर से चांदी अब तक 18 प्रतिशत से अधिक की रिकवरी कर चुकी है. युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित होने के डर ने भी कीमतों को हवा दी है.

औद्योगिक मांग और आपूर्ति में कमी

सिर्फ युद्ध ही नहीं, बल्कि चांदी की औद्योगिक मांग भी इसकी कीमतों को ऊपर ले जा रही है. सोलर एनर्जी पैनल और एआई (AI) आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर चांदी का खनन (Mining Output) मांग के मुकाबले कम है, जिससे अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों पर चांदी का स्टॉक (Inventory) काफी निचले स्तर पर पहुंच गया है.

रुपये की कमजोरी और घरेलू मांग

भारतीय बाजार में कीमतों के बढ़ने का एक बड़ा कारण डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट भी है. सोमवार को रुपया 91.08 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. चूंकि भारत बड़ी मात्रा में चांदी का आयात करता है, इसलिए कमजोर रुपया इसे घरेलू डीलरों के लिए महंगा बना देता है. इसके अलावा, होली और होलिका दहन के चलते घरेलू बाजार में मौसमी मांग भी काफी मजबूत बनी हुई है.

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम नहीं होता है, तो चांदी की कीमतें जल्द ही 3.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नए स्तर को छू सकती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 02, 2026 10:07 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).