Silver Rate Today, March 04, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी तेजी पर आज, 4 मार्च 2026 को थोड़ा विराम लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (Profit-booking) के कारण चांदी के दाम अपने उच्चतम स्तर से थोड़ा नीचे आए हैं. आज खुदरा बाजार में चांदी की कीमत में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली गिरावट देखी गई, जिसके बाद दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में यह 2,94,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर हुई.
विभिन्न वजन के अनुसार चांदी के खुदरा दाम
बुधवार सुबह घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में सभी श्रेणियों में हल्की नरमी देखी गई. वर्तमान खुदरा दरें इस प्रकार हैं: यह भी पढ़े: Gold Rate Today: सोने की कीमतों में मामूली सुधार, रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ा फिसला, जानें दिल्ली-मुंबई समेत अन्य शहरों के आज के ताजा भाव
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1 किलोग्राम: 2,94,900 रुपये.
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100 ग्राम: 29,490 रुपये.
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10 ग्राम: 2,949 रुपये.
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1 ग्राम: 294.90 रुपये.
दक्षिण भारतीय बाजारों, जैसे चेन्नई और हैदराबाद में स्थानीय मांग अधिक होने के कारण कीमतें राष्ट्रीय औसत से ऊपर बनी हुई हैं. इन शहरों में चांदी 3,14,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है.
प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (4 मार्च, 2026)
देश के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतें स्थानीय करों और मांग के आधार पर अलग-अलग होती हैं. प्रमुख शहरों की सूची नीचे दी गई है:
| शहर | चांदी की कीमत (प्रति किलोग्राम) |
| दिल्ली | 2,94,900 रुपये |
| मुंबई | 2,94,900 रुपये |
| चेन्नई | 3,14,900 रुपये |
| बेंगलुरु | 2,94,900 रुपये |
| अहमदाबाद | 2,94,900 रुपये |
| हैदराबाद | 3,14,900 रुपये |
| कोलकाता | 2,94,900 रुपये |
| पुणे | 2,94,900 रुपये |
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस मामूली गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के भाव का 94.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर से थोड़ा नीचे आना है. निवेशक वर्तमान में अमेरिकी डॉलर सूचकांक और मध्य पूर्व (इजरायल-ईरान) में चल रहे सैन्य घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं. साल 2026 में चांदी अब तक सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली धातु रही है, जिसमें जनवरी से अब तक लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है.
भविष्य का अनुमान और औद्योगिक मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की औद्योगिक मांग काफी मजबूत है. एआई (AI) इन्फ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार के कारण चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है. हालांकि अल्पावधि में कीमतों में कुछ सुधार (Correction) दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि में चांदी का रुख अभी भी तेजी (Bullish) की ओर है. इस साल की शुरुआत में चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर भी छुआ था, जो इसकी मजबूत वैश्विक मांग को दर्शाता है.












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