Nautapa 2025: इस नौतपा, कब से कब तक तपेगी पृथ्वी? जानें इन नौ दिनों का ब्रह्मांडीय रहस्य एवं क्या करें, क्या ना करें!
खगोल शास्त्र के अनुसार ज्येष्ठ मास में ग्रह-नक्षत्रों की चालों में काफी सारे परिवर्तन होते हैं. यहां तक कि ग्रहों के राजा सूर्य भी इससे मुक्त नहीं होते. नौतपा के संदर्भ में आचार्य भागवत जी बताते हैं कि सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है, और जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो नौतपा समाप्त हो जाती है.
खगोल शास्त्र के अनुसार ज्येष्ठ मास में ग्रह-नक्षत्रों की चालों में काफी सारे परिवर्तन होते हैं. यहां तक कि ग्रहों के राजा सूर्य भी इससे मुक्त नहीं होते. नौतपा के संदर्भ में आचार्य भागवत जी बताते हैं कि सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है, और जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो नौतपा समाप्त हो जाती है. इस वर्ष 2025 में नौतपा 25 मई 2025 से शुरू होकर 8 जून 2025 को समाप्त होगा. आचार्य कहते हैं रोहिणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र होते हैं. सूर्य देव को शुक्र का शत्रु माना जाता है. इसलिए सूर्य और शुक्र एक साथ होने से प्रकृति का ताप चरम पर पहुंच जाता है, हालांकि कुछ समुद्र तटीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना होती है, जो यह किसानों के लिए लाभकारी होती है. वहीं जिन जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, उनके लिए भी नौतपा शुभ हो सकता है, जबकि नौतपा में अत्यधिक बारिश होना किसानों के लिए अशुभ भी बताया जाता है. ऐसी असमंजस एवं ग्रह-नक्षत्रों के उलटफेर की स्थिति में जानें कि आपको क्या करना चाहिए और कैसे बचना चाहिए. यह भी पढ़ें : Bank Holidays in June 2025: इस माह इतने दिन बैंक रहेंगे बंद! लेकिन लॉन्ग वीकेंड के अवसर भी मिलेंगे, ले सकते हैं पर्यटन का आनंद!
नौतपा काल में रहें सतर्क
* शारीरिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को नौतपा काल में नौ दिनों स्नान-ध्यान के पश्चात उगते सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए. आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें. इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, इससे रोगी की सेहत अच्छी होती है.
* दान-धर्म करें. जरूरतमंदों को पानी पिलाने जैसे जनहित कार्य से आध्यात्मिक रूप से फायदेमंद होता है.
* नौतपा काल में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, गर्मी की तपिश से बचने के लिए नारियल पानी, छाछ या सत्तू जैसे ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें.
* मांसाहारी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें. यह आध्यात्मिक रूप से भी अनुचित है और तेज गर्मी में सेहत के लिए नुकसानदेह है.
* दोपहर के समय विशेष रूप से 11 बजे से संध्याकाल 5 बजे तक की कड़ी धूप से बचें. बहुत जरूरी हो तो छाता, स्कार्फ बांधकर निकलें. सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें.
* एलोवेरा या नीम निर्मित ठंडे फेस वॉश का इस्तेमाल करें. दही, बेसन, खीरा या एलोवेरा जैसी सामग्री वाले घर के बने फेस पैक का इस्तेमाल करें.
* ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें, जिससे छनकर हवा शरीर तक पहुंचे. वायु के इस संचार त्वचा स्वस्थ रहती है.
* नौतपा काल में लहसुन, प्याज, बैंगन का सेवन न करें, क्योंकि ये गर्म पदार्थ होते हैं.
* इस दौरान हल्का मेकअप करें या मेकअप से बचें, क्योंकि मेकअप से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2025 11:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

