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Husband For An Hour: लातविया में महिलाएं ले रही हैं ‘एक घंटे का पति’ सेवा—जानिए कैसे काम करता है यह चलन

लातविया की महिलाएं अब घर के काम निपटाने के लिए ‘हस्बैंड फॉर एन ऑवर’ सेवाओं का सहारा ले रही हैं. घरेलू मरम्मत, इलेक्ट्रिक-वर्क, फर्नीचर इंस्टॉलेशन जैसे कार्यों के लिए यह सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसकी वजह है देश में बढ़ता लिंग असंतुलन, जहां पुरुषों की तुलना में महिलाएं काफी अधिक हैं.

Husband For An Hour: लातविया में महिलाएं ले रही हैं ‘एक घंटे का पति’ सेवा—जानिए कैसे काम करता है यह चलन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Husband For An Hour: लातविया की महिलाएं अब घर के काम निपटाने के लिए ‘हस्बैंड फॉर एन ऑवर’ (Husband for an Hour) सेवाओं का सहारा ले रही हैं. घरेलू मरम्मत, इलेक्ट्रिक-वर्क, फर्नीचर इंस्टॉलेशन जैसे कार्यों के लिए यह सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसकी वजह है देश में बढ़ता लिंग असंतुलन, जहां पुरुषों की तुलना में महिलाएं काफी अधिक हैं.

यूरोस्टैट के अनुसार, लातविया यूरोप के उन देशों में शामिल है जहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से 15.5% अधिक है—जो पूरे यूरोपीय संघ के औसत से तीन गुना ज्यादा है. यह भी पढ़ें: Caught On Camera: बाली में कस्टमर बनकर जापानी टूरिस्ट ने स्ट्रीट वेंडर से चुराए 11 कपड़ों के सेट, वीडियो वायरल

पूरे यूरोप में पुरुषों की संख्या कम — लातविया सबसे ऊपर

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक:

1 जनवरी 2024 तक यूरोपीय संघ (EU) में 229 मिलियन महिलाएँ और 220 मिलियन पुरुष थे, यानी हर 100 पुरुषों पर 104.4 महिलाएं थीं. यह बताता है कि पूरे EU में 4.4% महिलाएं अधिक हैं.माल्टा, स्वीडन, लक्ज़मबर्ग और स्लोवेनिया को छोड़कर, लगभग सभी EU देशों में महिलाएँ पुरुषों से अधिक हैं, लेकिन लातविया सबसे ऊपर है — जहां 15.5% अधिक महिलाएं हैं.

65 साल से ऊपर सबसे बड़ा अंतर

World Atlas की एक रिपोर्ट बताती है कि 65 वर्ष से ऊपर के आयु वर्ग में महिलाओं की संख्या पुरुषों से दोगुनी है. इसकी वजह पुरुषों में कम जीवन-प्रत्याशा और कमजोर स्वास्थ्य माना गया है. यह असंतुलन रोजमर्रा के जीवन में भी महसूस होता है—कार्यक्षेत्रों से लेकर सामाजिक संबंधों तक.

महिलाएं एक्यों ले रही हैं ‘एक घंटे का पति’ सेवा?

देश में पुरुषों की कमी के चलते:

कई महिलाएं कहती हैं कि उनके कार्यस्थलों पर लगभग सभी सहकर्मी महिलाएं हैं. 29 वर्षीय दानिया के अनुसार, उसके कार्यस्थल पर 98% कर्मचारी महिलाएं हैं. वह कहती हैं, ‘यह गलत नहीं है… लेकिन संतुलन के लिए कुछ पुरुष भी हों तो बेहतर होता—फ्लर्ट या बात-चीत के लिए भी.’ उसकी दोस्त ज़ाने ने बताया कि उसकी कई सहेलियां ‘बॉयफ्रेंड खोजने के लिए विदेश चली गईं.’

ऐसे माहौल में, घरेलू कामों के लिए पुरुषों की उपलब्धता कम होने से ‘Husband for an Hour’ जैसी सेवाएं लोकप्रिय हुई हैं—जहां पेशेवर लोग एक निश्चित समय के लिए घर आकर सभी घरेलू मरम्मत और तकनीकी काम कर देते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 10, 2025 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).