खतरे या आपातकाल परिस्थितियों में लाल रंग का ही प्रयोग क्यों किया जाता है? जानें चौंकाने वाले जवाब!
चौराहों पर लाल सिग्नल दिखते ही चलती गाड़ियां रुक जाती हैं. लाल बत्ती लगी अस्पताल की गाड़ियों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों, कुछ वीआईपी गाड़ियों के दिखते ही शेष गाड़ियों को रोककर उन्हें पहले भेजा जाता है. अस्पतालों में भी ऑपरेशन रूम के बाहर लाल बत्तियां जलती दिखती हैं. तेज रफ्तार से भागती ट्रेन भी लाल सिग्नल पर रुक जाती हैं.
चौराहों पर लाल सिग्नल दिखते ही चलती गाड़ियां रुक जाती हैं. लाल बत्ती लगी अस्पताल की गाड़ियों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों, कुछ वीआईपी गाड़ियों के दिखते ही शेष गाड़ियों को रोककर उन्हें पहले भेजा जाता है. अस्पतालों में भी ऑपरेशन रूम के बाहर लाल बत्तियां जलती दिखती हैं. तेज रफ्तार से भागती ट्रेन भी लाल सिग्नल पर रुक जाती हैं. आसमान में उड़ते हवाई जहाजों में रात के समय लाल रंग की बत्तियां जलती दिखती हैं, ऊंची-ऊंची इमारतों की छतों पर भी लाल बत्तियां जलाई जाती हैं, ताकि ऊपर से गुजरते हवाई जहाज के पायलटों को वे दिखें. अब प्रश्न उठता है कि इसके लिए लाल रंग का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है? हरा, पीला या नीला क्यों नहीं? यहां हम इन्हीं उत्सुकताओं से परदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.
लाल रंग आसानी से ध्यान खींचता हैः लाल रंग की तरंग दैर्ध्य (wavelength) अधिक करीब 620 से 750 एमएम होती है, इसका अर्थ यह है कि यह वायुमंडलीय कणों (जैसे जल की बूंदें, धूल आदि) के साथ कम सम्पर्क कर पाता है. इसलिए यह रंग अपेक्षाकृत चटख दिखता है, इसलिए यह रंग लंबी दूरी से भी स्पष्ट दिखता है. यह भी पढ़ें : Shani Jayanti 2025: शनिदेव की पूजा घर पर क्यों नहीं करते? जानें शनि जयंती का महत्व, मूल तिथि, पूजा का मुहूर्त एवं विधि!
मानव मनोविज्ञान में लाल रंग का प्रभावः लाल रंग को अक्सर खतरे के समय, सावधान करने के लिए, और अलर्ट रहने से जोड़ा जाता है. यह शरीर की प्रतिक्रिया को तेज गति से करता है. जैसे दिल की धड़कन का बढ़ना, सतर्क रहने का अहसास करना इत्यादि बातें हैं, इसलिए लाल रंग को सावधानी और आपातकालीन परिस्थितियों के अनुकूल माना गया.
प्राकृतिक संकेतों से जुड़ावः कई जहरीले पशुओं, कीटों, सर्पों और पौधों में भी लाल या चटक रंग होते हैं, जो प्रकृति के प्रथम दृष्टया एक चेतावनी का संकेत देते हैं. ‘मुझे मत छूओ’ इत्यादि.
परंपरा और मान्यताः गुजरते समय और क्रमबद्ध मानव विकास के साथ, लाल रंग का संबंध खतरे, आग और खून से भी जुड़ा हुआ है, जो खतरे के संकेतों में इसके उपयोग को और मजबूत करता है. यह पहले से मौजूद जुड़ाव लोगों को लाल सिग्नल (स्टॉप के लिए) का अर्थ जल्दी से पहचानने में मदद करता है, जो धीरे-धीरे एक परंपरा और मान्यता बनता चला गया.
बढ़ी हुई दृश्यता: चूंकि लाल रंग का प्रकाश कम बिखरता है, इसलिए यह अन्य रंगों की तुलना अधिक दूरी तय कर सकता है और ऐसी स्थितियों में अधिक स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां अन्य रंग फीके पड़ सकते हैं या अस्पष्ट हो सकते हैं. यह सुरक्षा संकेतों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें लंबी दूरी पर या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में दिखाई देने की आवश्यकता होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2025 12:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

