वाराणसी के गंजारी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में लगा त्रिशूल के आकार की भव्य लाइट, 2026 में T20 क्रिकेट मैच कराने की तैयारी; देखें Video
Trishul Shaped Floodlights at Ganjari International Stadium

वाराणसी के गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ने अब अपनी खास पहचान बनानी शुरू कर दी है. यहां त्रिशूल के आकार की भव्य फ्लड लाइटें लग चुकी हैं, जो इस स्टेडियम को देश के अन्य मैदानों से अलग बनाती हैं. करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस स्टेडियम का निर्माण कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है. हाल ही में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन का तुरंत समाधान किया जाए, ताकि काम तय समय में पूरा हो सके.

प्रदेश सरकार की योजना है कि इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का उद्घाटन वर्ष 2026 में एक बड़े T20 क्रिकेट मैच के साथ किया जाए. इसके लिए मैदान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार स्टेडियम में कुल 14 पिच बनाई जाएंगी, जो खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल परिस्थितियां उपलब्ध कराएंगी. साथ ही निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए एक अलग उपकेंद्र भी विकसित किया जा रहा है, ताकि मैच और अन्य आयोजनों के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.

आधुनिक तकनीक और काशी की आत्मा का संगम

गंजारी में बन रहा यह स्टेडियम सिर्फ आधुनिक तकनीक का उदाहरण नहीं होगा, बल्कि इसमें काशी और शिव तत्वों की झलक भी साफ नजर आएगी. पूरे परिसर को काशी और शिवमय बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि बाहर से आने वाले खिलाड़ी और दर्शक मैदान में कदम रखते ही वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को महसूस कर सकें. त्रिशूल के आकार की फ्लड लाइटें इसी सोच का प्रतीक हैं, जो परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मेल पेश करेंगी.

2026 में T20 मैच से उद्घाटन की तैयारी

दर्शकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं

स्टेडियम में बैठने की व्यवस्था को भी आधुनिक और आरामदायक बनाया जा रहा है. दर्शकों को यहां से मैदान का स्पष्ट दृश्य मिलेगा, जिससे मैच देखने का अनुभव बेहद खास होगा. सुरक्षा, पार्किंग और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार किया गया है, ताकि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के दौरान भी संचालन पूरी तरह सुचारू रहे.

स्थानीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार

इस इंटरनेशनल स्टेडियम को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है. उम्मीद की जा रही है कि इसके निर्माण से न सिर्फ वाराणसी एक बड़े खेल केंद्र के रूप में उभरेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. निर्माण और भविष्य में होने वाले आयोजनों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच

गंजारी का यह स्टेडियम वाराणसी और आसपास के युवाओं के लिए सपनों को सच करने का मंच बनेगा. यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच होने से स्थानीय प्रतिभाओं को खुद को साबित करने का मौका मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्र में क्रिकेट के प्रति रुचि और तेजी से बढ़ेगी.

अप्रैल 2026 तक काम पूरा होने का लक्ष्य

प्रशासन का दावा है कि अगर निर्माण कार्य इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा, तो अप्रैल 2026 तक स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो जाएगा. इसके बाद वाराणसी न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के तौर पर, बल्कि खेलों के बड़े केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगी.

वाराणसी के लिए गर्व का विषय

गंजारी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम वाराणसी के विकास की कहानी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने जा रहा है. खेल, संस्कृति और आधुनिकता का यह संगम आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नई शुरुआत का प्रतीक बन सकता है. इसलिए सभी निगाहें अब उस दिन पर टिकी हैं, जब इस मैदान पर पहली अंतरराष्ट्रीय गेंद फेंकी जाएगी और काशी की धरती पर क्रिकेट का नया अध्याय लिखा जाएगा.