बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़: क्या सीएम नीतीश कुमार देंगे इस्तीफा? राज्यसभा जाने की अटकलों से हलचल तेज
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (File Image)

पटना: बिहार (Bihar) के राजनीतिक गलियारों में पिछले 48 घंटों से खलबली मची है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के संभावित इस्तीफे और उनके राज्यसभा (Rajya Sabha) जाने की खबरों ने राज्य की राजनीति (Bihar Politics) में नई चर्चा छेड़ दी है. जनता दल (यूनाइटेड) (Janata Dal United) के भीतर चल रही हलचल और बैठकों के दौर ने इन अटकलों को और पुख्ता कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने 75 वर्षीय नेता के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है और 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: BJP Rajya Sabha Candidates List: बीजेपी ने महाराष्ट्र से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की जारी की सूची, विनोद तावड़े सहित इन 4 नेताओं को मिला टिकट

इस्तीफे और राज्यसभा की अटकलें

मुख्यमंत्री आवास पर पिछले कुछ दिनों से बैठकों का दौर जारी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, हालांकि नीतीश कुमार नामांकन इस सप्ताह दाखिल कर सकते हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके. यदि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो यह उनके करियर का एक दुर्लभ मील का पत्थर होगा. इसके साथ ही वे देश के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने राज्य विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा, चारों सदनों में प्रतिनिधित्व किया है.

उत्तराधिकार की चर्चा: क्या राजनीति में आएंगे निशांत कुमार?

इन अटकलों के बीच, जदयू में उत्तराधिकार की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. चर्चा है कि पार्टी नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में उतारने की तैयारी कर रही है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि कार्यकर्ता लंबे समय से उनकी एंट्री की मांग कर रहे हैं, जो पार्टी में नई ऊर्जा का संचार कर सकती है. हालांकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी या संभावित कैबिनेट पद दिया जा सकता है. यह भी पढ़ें: Rajya Sabha Elections 2026: बीजेपी ने 9 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की; नितिन नबीन और राहुल सिन्हा को मिला टिकट

बीजेपी की प्रतिक्रिया: 'होली का मजाक' या सियासी दांव?

इस पूरे घटनाक्रम पर एनडीए की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इन खबरों को खारिज करते हुए इसे ‘होली का मजाक’ करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा फिलहाल केवल बिहार में सुशासन पर केंद्रित है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह रुख केवल एक सार्वजनिक बयान है. अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री का पद खाली होता है, तो गठबंधन में बड़ा साझीदार होने के नाते भाजपा उस पर दावा ठोकने की रणनीति पर भी चुपचाप काम कर रही है. भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पटना के संपर्क में है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी नेतृत्व परिवर्तन 2026 के राजनीतिक कैलेंडर के दौरान एनडीए सरकार को अस्थिर न करे.