US-Israel vs Iran War: मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी सैन्य संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजारों (Indian Share Markets) में बुधवार को निवेशकों की भारी बिकवाली देखने को मिली. दिनभर के कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) यानी बीएसई (BSE) का सेंसेक्स 1,122.66 अंक (1.40%) की गिरावट के साथ 79,116.19 पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange)(NSE) का निफ्टी (Nifty) 385.20 अंक (1.55%) टूटकर 24,480.50 के स्तर पर आ गया. यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में बढ़ता संघर्ष: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से किया इनकार, 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
बाजार में चौतरफा बिकवाली
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार दबाव में नजर आया। निफ्टी ने 24,388.80 के स्तर पर शुरुआत की और दिनभर के कारोबार के दौरान 24,305.40 के निचले स्तर तक चला गया. विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी ने 24,570-24,600 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन को तोड़ दिया है, जो मंदी के संकेत माने जा रहे हैं.
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च हेड सुदीप शाह ने बताया, ‘बाजार में बिकवाली का दबाव स्पष्ट था. निफ्टी 500 यूनिवर्स के लगभग 440 शेयरों ने लाल निशान के साथ कारोबार का अंत किया, जो बाजार में 'बियर्स' (मंदी की स्थिति) के दबदबे को दर्शाता है.’
सेक्टोरल प्रदर्शन: आईटी सेक्टर को छोड़कर सभी लाल निशान पर
बाजार में आई इस गिरावट के बीच, केवल निफ्टी आईटी सेक्टर ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जिसने मामूली 0.11% की बढ़त दर्ज की. रुपये की गिरती कीमत और डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने का असर बाजार के सेंटीमेंट पर दिखाई दिया.
- टॉप लूजर्स (सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर): टाटा स्टील और टीएमपीवी (TMPV).
- टॉप गेनर्स (बढ़त वाले शेयर): कोल इंडिया और भारती एयरटेल.
- मिडकैप और स्मॉलकैप: इन सूचकांकों ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से भी अधिक खराब प्रदर्शन किया और 2% से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए. यह भी पढ़ें: Mojtaba Khamenei Iran's Next Supreme Leader: खामेनेई के निधन के बाद बेटे मोजतबा खामेनेई को मिली बड़ी जिम्मेदारी, ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया
बैंक निफ्टी का हाल और भविष्य की दिशा
बैंक निफ्टी इंडेक्स ने भी कमजोरी के साथ शुरुआत की और 1.81% की गिरावट के साथ 58,755 पर बंद हुआ. यह इंडेक्स अब अपने 100-दिनों के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से नीचे आ गया है.
विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे टिका रहता है, तो अल्पकालिक अवधि में यह 24,100 और फिर 23,800 तक गिर सकता है. ऊपर की ओर 24,650-24,700 का क्षेत्र तत्काल प्रतिरोध (resistance) के रूप में कार्य करेगा. इसी प्रकार, बैंक निफ्टी के लिए 58,100 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बना हुआ है.
निवेशकों को सलाह दी गई है कि इस अस्थिरता के दौर में सतर्क रहें और वैश्विक स्तर पर होने वाले घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखें.













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