गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रशासन की कार्रवाई, सीवेज का पानी डालने पर अलकनंदा क्रूज पर लगाया ₹5,000 का जुर्माना
वाराणसी में गंगा की स्वच्छता को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। गंगा में सीवेज का पानी बहाने के आरोप में 'अलकनंदा क्रूज' पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी जारी की गई है.
वाराणसी, 14 जनवरी 2026: धर्मनगरी काशी में गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के अभियान के तहत प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है. वाराणसी के प्रसिद्ध 'अलकनंदा क्रूज' पर गंगा नदी में सीधे सीवेज (मलजल) का पानी गिराने के आरोप में 5,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है. नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा.
निरीक्षण के दौरान पकड़ी गई लापरवाही
वाराणसी नगर निगम की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि क्रूज से निकलने वाले अपशिष्ट जल और सीवेज को सीधे नदी में प्रवाहित किया जा रहा था. यह न केवल स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है, बल्कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के मानकों के भी विरुद्ध है. शिकायत की पुष्टि होने के बाद तत्काल प्रभाव से यह जुर्माना वसूला गया. यह भी पढ़े: Christmas Activities: राजस्थान के श्रीगंगानगर में शिक्षा विभाग का सख्त रुख, क्रिसमस पर बच्चों पर सांता बनने का दबाव न डालें, नहीं तो होगी कार्रवाई
स्वच्छता मानकों पर सख्त रुख
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, सभी क्रूज और बड़ी नावों को बायो-टॉयलेट और अपशिष्ट प्रबंधन की उचित व्यवस्था रखनी अनिवार्य है.
-
नियम: क्रूज का सीवेज तट पर बने पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट तक जाना चाहिए.
-
चेतावनी: अलकनंदा क्रूज प्रबंधन को भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी गई है। दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर क्रूज का लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है.
पर्यटन और पर्यावरण का संतुलन
वाराणसी में पिछले कुछ वर्षों में क्रूज पर्यटन (Cruise Tourism) में भारी बढ़ोतरी हुई है. 'अलकनंदा' काशी का पहला लग्जरी क्रूज है जो पर्यटकों को घाटों की सैर कराता है. हालांकि, बढ़ते पर्यटन के साथ गंगा में प्रदूषण का स्तर बढ़ना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में एनजीटी (NGT) ने भी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वाराणसी में गंगा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए थे.
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 'नमामि गंगे' परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। काशी के 84 घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासन अब तकनीक और जुर्माने दोनों का सहारा ले रहा है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, उनका कहना है कि बड़े संस्थानों पर ऐसी कार्रवाई से अन्य संचालकों को भी कड़ा संदेश जाएगा
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 14, 2026 01:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

