UP Divyang Pension Hike: योगी सरकार का तोहफा, यूपी में दिव्यांग पेंशन तीन गुना से ज्यादा बढ़ी, अब हर महीने मिलेंगे इतने रुपये
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देते हुए मासिक पेंशन की राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया है. सरकार का लक्ष्य इस वृद्धि के माध्यम से दिव्यांगों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है.
UP Divyang Pension Hike: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'दिव्यांगजन पेंशन योजना' की राशि में भारी बढ़ोतरी की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, अब पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. गौरतलब है कि वर्ष 2017 से पहले यह राशि मात्र 300 रुपये थी, जिसे सरकार ने अब तीन गुना से भी अधिक बढ़ा दिया है.
सीधे बैंक खाते में होगा भुगतान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेंशन की यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी. उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सदन में जानकारी दी कि पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल के जरिए भुगतान होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है. इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और शत-प्रतिशत लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है. यह भी पढ़े: CM Yogi On Holi Electricity: योगी सरकार का तोहफा, UP में होली के दिन 24 घंटे रहेगी बिजली, आदेश जारी
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
यूपी दिव्यांग पेंशन योजना के तहत लाभ पाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य पात्रता मानदंड निर्धारित किए हैं:
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दिव्यांगता का प्रतिशत: आवेदक कम से कम 40% या उससे अधिक दिव्यांग होना चाहिए.
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आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए.
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आय सीमा: ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक पारिवारिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.
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निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है.
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
इच्छुक लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल sspy-up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
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आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र.
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सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र.
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आय प्रमाण पत्र.
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बैंक पासबुक की फोटोकॉपी.
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यूडीआईडी (UDID) कार्ड (यदि उपलब्ध हो).
'बचपन डे केयर सेंटर' की शुरुआत
पेंशन में वृद्धि के साथ-साथ, सरकार ने 3 से 7 वर्ष की आयु के दिव्यांग बच्चों (श्रवण, बौद्धिक और दृष्टिबाधित) के लिए प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों में 'बचपन डे केयर सेंटर' भी संचालित किए हैं. बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 1,470 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जो राज्य में दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2026 03:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

