भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने एक बार फिर साबित किया कि हौंसला क्या होता है. शादी टूटने का दर्द झेलने के तुरंत बाद ही उन्होंने खुद को क्रिकेट को समर्पित कर दिया. उनके भाई श्रवण मंधाना (Shravan Mandhana) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसने देखते ही देखते इंटरनेट का दिल जीत लिया. लोग उनकी हौंसले और जज्बे की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.
नेट्स में बल्लेबाजी करती स्मृति की तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे हालात में ज्यादातर लोग महीनों का ब्रेक लेते हैं, लेकिन स्मृति ने तुरंत क्रिकेट को अपनाकर मिसाल कायम की. यह सिर्फ ट्रेनिंग की तस्वीर नहीं थी, बल्कि यह दिखाता है कि वह दबाव और भावनात्मक चुनौतियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कितनी जुड़ी हुई हैं.
शादी टलने से लेकर टूटने तक की पूरी कहानी
स्मृति मंधाना की शादी 23 नवंबर को पलाश मुच्छल के साथ तय थी, लेकिन उनके पिता श्रीनिवास मंधाना की हार्ट से जुड़ी परेशानी और अस्पताल में भर्ती होने के बाद कार्यक्रम टाल दिया गया. इसके बाद उनके निजी जीवन को लेकर कयासों का दौर शुरू हुआ, जिस पर अब स्मृति ने खुद विराम लगा दिया है.
सोशल मीडिया पर तोड़ी चुप्पी
रविवार को स्मृति मंधाना ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर साफ कहा कि शादी अब नहीं हो रही है. उन्होंने निजी जीवन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए दोनों परिवारों की प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की. अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि वह बहुत निजी व्यक्ति हैं और इस मुद्दे को यहीं खत्म करना चाहती हैं, ताकि सभी आगे बढ़ सकें.
मेरा फोकस हमेशा देश का प्रतिनिधित्व करना रहा है
अपने बयान में स्मृति ने यह भी साफ किया कि उनका ध्यान पूरी तरह क्रिकेट पर है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा देश का सर्वोच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करना रहा है और वह भारत के लिए ट्रॉफियां जीतती रहना चाहती हैं. यह वक्त आगे बढ़ने का है और यही उनका रास्ता है.
श्रीलंका सीरीज और WPL की तैयारी
आने वाले समय में भारत को श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलनी है, वहीं महिला प्रीमियर लीग भी करीब है. ऐसे में स्मृति के लिए यह दौर बेहद अहम है. निजी दर्द को ताकत में बदलते हुए वह अपने खेल को और धार देने में जुटी हुई हैं.
वर्ल्ड कप में रहा शानदार प्रदर्शन
निजी झटके से पहले स्मृति मंधाना का फॉर्म किसी सपने से कम नहीं रहा. महिला वर्ल्ड कप 2025 में उन्होंने 9 मैचों में 434 रन बनाए और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ रहीं. 54.25 की औसत और लगभग 100 के स्ट्राइक रेट के साथ उन्होंने 2 अर्धशतक और एक शतक भी जड़ा, जो उनकी निरंतरता और क्लास का सबूत है.
हौसले की मिसाल बनीं स्मृति
स्मृति मंधाना की यह वापसी सिर्फ क्रिकेट की खबर नहीं है, बल्कि यह उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है जो निजी मुश्किलों से गुजर रहे हैं. दर्द के बीच भी अपने कर्तव्य और सपनों पर टिके रहना यही स्मृति को खास बनाता है.













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