Navratri Fast Food: नवरात्रि व्रत में खाएं ये हेल्दी और स्वादिष्ट चीजें, नहीं महसूस होगी जरा भी कमजोरी
नवरात्रि का पर्व केवल धार्मिक आस्था और शक्ति की साधना का समय नहीं है, बल्कि यह शरीर को शुद्ध करने और पाचन तंत्र को विश्राम देने का अवसर भी है. उपवास के दौरान सात्विक आहार का सेवन करने से शरीर हल्का रहता है और मन एकाग्र होता है. आयुर्वेद के अनुसार, इस अवधि में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो ऊर्जा बनाए रखें और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालें.
नई दिल्ली, 24 सितंबर : नवरात्रि का पर्व केवल धार्मिक आस्था और शक्ति की साधना का समय नहीं है, बल्कि यह शरीर को शुद्ध करने और पाचन तंत्र को विश्राम देने का अवसर भी है. उपवास के दौरान सात्विक आहार का सेवन करने से शरीर हल्का रहता है और मन एकाग्र होता है. आयुर्वेद के अनुसार, इस अवधि में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो ऊर्जा बनाए रखें और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालें. नवरात्रि व्रत में कई प्रकार के पौष्टिक और सात्विक खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं जो न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं बल्कि शरीर और मन को स्फूर्ति भी प्रदान करते हैं.
सिंघाड़े का आटा उपवास में सबसे लोकप्रिय विकल्प है. इसमें कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होता है, जो हड्डियों और पाचन के लिए बेहद लाभकारी है. इससे हलवा, पुरी या चीला बनाया जा सकता है. इसी तरह कुट्टू का आटा, जिसे बकव्हीट भी कहा जाता है, ग्लूटेन-फ्री और प्रोटीन से भरपूर होता है. इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और ऊर्जा बनी रहती है. व्रत में कुट्टू की पकौड़ी और रोटी बहुत पसंद की जाती है. साबूदाना भी उपवास का अहम हिस्सा है. इसमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जो तुरंत ऊर्जा देता है. इसमें मौजूद स्टार्च और कैल्शियम शरीर को मजबूत बनाते हैं. साबूदाने की खिचड़ी और खीर व्रत में बेस्ट मानी जाती है. यह भी पढ़ें : Unknown Facts About Your Teeth: मुस्कुराहट के पीछे छुपा है सेहत का राज, जानिए दांतों से जुड़े अनसुने तथ्य
शकरकंद यानी स्वीट पोटैटो भी व्रत में ऊर्जा से भरपूर भोजन है. इसमें विटामिन ए, सी और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं. इसे उबालकर या भूनकर खाया जा सकता है. नारियल पानी और उसका गूदा भी उपवास के दौरान बेहद उपयोगी है. यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स का स्रोत है, जो शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और पाचन को संतुलित रखते हैं.
दूध और दही व्रत के दौरान कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स प्रदान करते हैं. ये शरीर को कमजोरी और थकान से बचाते हैं. दही में सेंधा नमक डालकर या लस्सी के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है. इसके साथ ही मेवे जैसे बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश ऊर्जा और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर होते हैं. ये मानसिक एकाग्रता और स्टेमिना को बनाए रखने में मदद करते हैं.
फल भी व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. मौसमी फल जैसे सेब, पपीता, केला, अमरूद और अनार विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करते हैं. ये शरीर को हल्का रखते हैं और डिटॉक्सिफिकेशन में सहायक होते हैं. तुलसी और अदरक वाली हर्बल चाय भी पाचन सुधारती है और सर्दी-जुकाम से बचाती है. इसमें चीनी की जगह शहद मिलाना बेहतर है. उपवास में सेंधा नमक का भी सेवन किया जाता है, जिसमें आयोडीन, कैल्शियम और पोटैशियम होता है, जिससे बना भोजन हल्का और सुपाच्य रहता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2025 03:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

