Bihar Politics: तेजस्वी यादव की सभा में पीएम मोदी का अपमान, विजय सिन्हा बोले- यह जंगलराज की मानसिकता
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. इसी क्रम में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. तेजस्वी यादव की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है.
पटना, 21 सितंबर : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की सरगर्मियों के बीच सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. इसी क्रम में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. तेजस्वी यादव की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जंगलराज की मानसिकता करार दिया है.
विजय कुमार सिन्हा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि जंगल राज के युवराज तेजस्वी यादव की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान किया गया. यह केवल गाली-गलौज की राजनीति नहीं है, बल्कि बिहार में गुंडाराज स्थापित करने की कोशिश है. ऐसे लोगों को गाली देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है और तेजस्वी यादव इसका आनंद उठा रहे हैं. यह बिहार की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. यह वही मानसिकता है जो उनके पिता लालू प्रसाद यादव के समय देखने को मिली थी. यह भी पढ़ें : Bihar Assembly Elections 2025: तेजस्वी यादव की सभा में फिर टूटी मर्यादा, PM मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा ने दर्ज कराई शिकायत
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में माता और बहन का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन तेजस्वी यादव की राजनीति में बार-बार प्रधानमंत्री की माता का अपमान किया जा रहा है. यह परिवारवादी सोच, सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वालों की मानसिकता और बिहार को बदनाम करने की साजिश है. तेजस्वी यादव को बिहार की धरती और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. बिहार की गरिमा और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा और आचरण के लिए कोई जगह नहीं है.
वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जिस तरह कार्यकर्ताओं को भड़का रहे हैं, उससे उनके साथियों से क्या उम्मीद की जा सकती है? विपक्ष की गरिमा गिर रही है और तेजस्वी के समर्थकों में हताशा व बौखलाहट दिख रही है. तेजस्वी को हार का डर सता रहा है, यह उसी का नतीजा है. अगर उनकी राय अलग है, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करनी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2025 10:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

