शरीर में होनेवाले ये दर्द जुड़े हैं आपके मन की इन भावनाओं से, जानें इमोशन और बॉडी पेन के बीच क्या है कनेक्शन
कई अध्ययनों में भी इस बात का खुलासा किया जा चुका है कि शरीर में होने वाली दर्द से जुड़ी परेशानियों का सीधा कनेक्शन मन की भावनाओं से होता है.
जिस तरह से हमारे खान-पान का असर हमारी सेहत (Health) पर पड़ता है ठीक उसी तरह से हमारे मन में उठनेवाली भावनाएं (Emotions) भी हमारे शरीर को प्रभावित करती हैं. हमारे मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) और शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health) के बीच गहरा संबंध देखने को मिलता है. अगर आप मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं तो जाहिर है कि आप शारीरिक तौर भी अस्वस्थ ही महसूस करेंगे. भारत की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली के अनुसार, इंसान के शरीर में होने वाले परिवर्तन, शरीर में होनेवाली स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं काफी हद तक मस्तिष्क और उसकी भावनाओं से जुड़ा होती हैं.
कई अध्ययनों में भी इस बात का खुलासा किया जा चुका है कि शरीर में होने वाली दर्द से जुड़ी परेशानियों (Body Pain) का सीधा कनेक्शन मन की भावनाओं से होता है. इसी कड़ी में चलिए जानते हैं शरीर में किस हिस्से में उठने वाला दर्द मन की किस भावना से जुड़ा होता है?
1- सिरदर्द
अगर आपको अक्सर सिरदर्द की समस्या से दो-चार होना पड़ता है तो इसका अर्थ ये हो सकता है कि आप बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं. अगर आप आए दिन मानसिक चिंता या तनाव से घिरे रहते हैं तो आपको सिरदर्द की समस्या हो सकती है. यह भी पढ़ें: गंभीर बीमारियों से बचना है तो स्वस्थ रहने के लिए अपने डेली रूटीन में शामिल करें ये 5 आदतें
2- गर्दन में दर्द
गर्दन में दर्द की शिकायत आमतौर पर उन लोगों को ज्यादा होती है, जो खुद को व किसी और को आसानी से माफ नहीं कर पाते हैं. अगर आप ऐसे लोगों की लिस्ट में शामिल हैं तो आपको इस पर विचार करना चाहिए और उन लोगों की गलतियों को माफ करन देना चाहिए जो आपसे प्यार करते हैं.
3- कंधों का दर्द
जो लोग जरूरत से ज्यादा कंधों के दर्द से परेशान रहते हैं उन लोगों के बारे में कहा जाता है कि वो भावनाओं के बोझ तले दबे होते हैं. ऐसे लोगों के मन में कोई न कोई ऐसी बात चलती रहती है जो उन्हें खुलकर जीने से रोकती है. ऐसे में इस दर्द से निजात पाने के लिए अपनी भावनात्मक समस्या को पहचानें और उसका समाधान करें.
4- पीठ में दर्द
जिन लोगों के मन में पैसे या धन को लेकर चिंता बनी रहती है आमतौर पर उनके पीठ के नीचले हिस्से में दर्द की शिकायत होती है. इसके अलावा जिन लोगों को भावनात्मक तौर पर परिवार या दोस्तों का समर्थन नहीं मिल पाता है वो अक्सर पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द की तकलीफ से परेशान रहते हैं.
5- हाथ में दर्द
जिन लोगों के मन में यह भावना कर लेती है कि वो बिल्कुल अकेले हैं उनके साथ कोई नहीं है तो उनके हाथों में दर्द की शिकायत होती है. अगर आपके हाथों में दर्द की शिकायत है तो यह मुमकिन है कि आप भावनात्मक तौर पर खुद को बहुत अकेला महसूस करते हैं.
6- जोड़ों में दर्द
आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ ज्यादातर लोगों को घुटनों या जोड़ों में दर्द की समस्या से जूझना पड़ता है, लेकिन कहा जाता है कि अगर आपके मन में अहंकार ने घर कर लिया है और उसके कारण आपको किसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो इसका असर आपको घुटनों के दर्द के रूप में दिखाई दे सकता है. इस समस्या से बचने के लिए नम्र और संवेदशनशील बनने की कोशिश करनी चाहिए. यह भी पढ़ें: सुधार लें अपनी रोजमर्रा की ये 5 आदतें, वरना हो जाएंगे तनाव के शिकार
गौरतलब है कि शरीर में होने वाली दर्द की ये समस्याएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि आपके मन में किस भावना ने घर कर लिया है. हालांकि इसमें कितनी हकीकत है इसके बारे में साफ तौर पर दावे के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता है.
नोट- इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसकी वास्तविकता, सटीकता और विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं देते हैं. इसमें दी गई जानकारियों को किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए. इस लेख में बताए गए टिप्स पूरी तरह से कारगर होंगे या नहीं इसका हम कोई दावा नहीं करते है, इसलिए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
(The above story first appeared on LatestLY on May 27, 2019 02:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

