हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है कि एप्पल अब अमेरिका में और भी ज्यादा निवेश करने वाला है. कंपनी ने अमेरिका में अगले 4 सालों में कुल $600 अरब का भारी भरकम निवेश करने का फैसला किया है. पहले कंपनी ने $500 अरब के निवेश की बात कही थी, लेकिन अब इसमें $100 अरब का और इजाफा किया गया है.
यह ऐलान तब हुआ जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एप्पल के सीईओ टिम कुक के साथ मुलाकात की. इस निवेश को ट्रंप की एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, ट्रंप चाहते हैं कि एप्पल अपने आईफोन अमेरिका में बनाए, ताकि वहां रोजगार बढ़े.
आईफोन अब अमेरिका में बनेंगे?
हालांकि, इस निवेश का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि एप्पल अमेरिका में आईफोन बनाना शुरू कर देगा. एप्पल का कहना है कि वे अभी भी अपने अधिकतर प्रोडक्ट्स, जैसे आईफोन, चीन और दूसरे एशियाई देशों में बनाएंगे. उन्होंने यह साफ कर दिया है कि फाइनल असेंबली का काम अभी भी अमेरिका के बाहर ही होगा. हां, कुछ जरूरी कॉम्पोनेंट्स, जैसे सेमीकंडक्टर और ग्लास, अमेरिका में ही बनाए जाएंगे.
Apple is expanding our US commitment to $600 billion over the next four years. And our new American Manufacturing Program will bring even more jobs and advanced manufacturing to the US. pic.twitter.com/6KWkTGJN3O
— Tim Cook (@tim_cook) August 6, 2025
यह निवेश क्यों?
तो फिर सवाल उठता है कि एप्पल यह निवेश क्यों कर रहा है? दरअसल, ट्रंप ने एप्पल को धमकी दी थी कि अगर वो अमेरिका में ज्यादा काम नहीं करेगा, तो वो उसके बाहर से आने वाले प्रोडक्ट्स पर 25% तक का टैक्स लगा देंगे. इस टैक्स से एप्पल को काफी नुकसान हो सकता था.
Apple announced plans to invest an additional $100 billion in US operations, marking its largest single commitment to domestic investment, as CEO Tim Cook joined President Trump in the Oval Office for the announcement https://t.co/pqvbkw3ID3 pic.twitter.com/F1edQGW0jd
— Reuters (@Reuters) August 7, 2025
ऐसे में, एप्पल ने यह कदम उठाकर एक तरह से ट्रंप को खुश करने की कोशिश की है. विश्लेषकों का मानना है कि यह एप्पल का एक "समझदारी भरा" फैसला है. इससे एप्पल की छवि भी अच्छी होगी और कंपनी ट्रंप के संभावित टैक्स से भी बच सकती है.
इस निवेश से अमेरिका में एप्पल की सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी, लेकिन आईफोन बनाने का सपना अभी भी अधूरा है.













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