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VIDEO: Zomato के CEO दीपिंदर गोयल का बड़ा खुलासा, अधिग्रहण के बाद ब्लिंकइट के सीईओ अल्बिंदर ढिंडसा से दो बार मांगा गया था इस्तीफा; जानें मुख्य वजह

जोमैटो (Eternal) के सीईओ दीपिंदर गोयल ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्होंने ब्लिंकिट के अधिग्रहण के बाद इसके संस्थापक अलबिंदर ढींडसा से दो बार इस्तीफा मांगा था। गोयल ने इस चुनौतीपूर्ण दौर और अपनी सख्त मैनेजमेंट शैली के बारे में विस्तार से बात की

VIDEO: Zomato के CEO दीपिंदर गोयल का बड़ा खुलासा, अधिग्रहण के बाद ब्लिंकइट के सीईओ अल्बिंदर ढिंडसा से दो बार मांगा गया था इस्तीफा; जानें मुख्य वजह

Zomato CEO Deepinder Goyal’s Big Reveal: जोमैटो (अब इटरनल) के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि साल 2022 में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'ब्लिंकिट' (Blinkit) के अधिग्रहण के बाद, उन्होंने इसके फाउंडर अलबिंदर ढींडसा से दो बार इस्तीफा देने को कहा था. यूट्यूबर राज शमानी के साथ एक पॉडकास्ट में बात करते हुए गोयल ने स्वीकार किया कि अधिग्रहण के शुरुआती दौर में दोनों के बीच गंभीर पेशेवर मतभेद और सांस्कृतिक तालमेल की कमी थी.

मतभेद को लेकर मांगा था इस्तीफा

दीपिंदर गोयल ने बताया कि ढींडसा से इस्तीफा मांगने का फैसला उनकी एक खास मैनेजमेंट शैली का हिस्सा था, जिसे वह "रॉक बॉटम" (शून्य पर पहुंचना) कहते हैं. गोयल के अनुसार, किसी लीडर की वास्तविक क्षमता को बाहर लाने के लिए कभी-कभी उन्हें पूरी तरह से तोड़ना और उनकी पुरानी मानसिकता को खत्म करना जरूरी होता है ताकि वे नए नजरिए के साथ शुरुआत कर सकें. यह भी पढ़े: Zomato Weather Union: जोमैटो बताएगा मौसम का हाल, CEO दीपिंदर गोयल ने लॉन्‍च किया वेदर यूनियन, 45 शहरों में उपलब्ध

Watch Deepinder Goyal's Interview With Raj Shamani Here

गोयल ने पॉडकास्ट में कहा, "मैंने अलबिंदर से स्पष्ट तौर पर कहा था कि तुम इस भूमिका के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हो।" उन्होंने बताया कि जब ढींडसा ने पद छोड़ने की संभावना को स्वीकार कर लिया और अपने 'अहम' (Ego) को पीछे छोड़ा, तब जाकर वे कंपनी के नए लक्ष्यों के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाए.

दोस्ती और पेशेवर रिश्तों का संतुलन

यह खुलासा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गोयल और ढींडसा आईआईटी दिल्ली के समय से पुराने दोस्त हैं. गोयल ने माना कि अपने एक करीबी दोस्त से इस्तीफा मांगना भावनात्मक रूप से कठिन था, लेकिन ब्लिंकिट को पुराने ग्रोसरी मॉडल से बदलकर मौजूदा हाई-वेलोसिटी क्विक-कॉमर्स स्ट्रक्चर में ढालने के लिए यह कड़ा फैसला जरूरी था.

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी इस शैली को अब तक पांच बड़े लीडर्स पर आजमाया है, जिनमें से ढींडसा सहित चार लोग और अधिक मजबूत लीडर बनकर उभरे, जबकि एक ने कंपनी छोड़ दी.

ब्लिंकिट का सफल प्रदर्शन

2022 में जब जोमैटो ने लगभग 4,447 करोड़ रुपये में ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया था, तब निवेशकों ने इसकी कीमत और व्यावहारिकता पर सवाल उठाए थे। उस दौरान जोमैटो के शेयरों में भारी गिरावट भी देखी गई थी.

हालांकि, आज स्थिति बदल चुकी है. ब्लिंकिट वर्तमान में 'इटरनल' (जोमैटो की पैरेंट कंपनी) के तहत सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन गया है. हालिया वित्तीय तिमाहियों में, ब्लिंकिट के विकास की गति जोमैटो के मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस से भी आगे निकल गई है, जिसने गोयल के रणनीतिक फैसलों को सही साबित किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 06, 2026 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).