LPG Cylinder Price in Delhi: देश की राजधानी समेत पूरे भारत में आम आदमी की रसोई का बजट बुधवार को एक बार फिर बिगड़ गया. तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) (OMCs) ने एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) (LPG) की कीमतों में बड़ी वृद्धि लागू की है. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत अब 913 रुपये हो गई है, जिसमें पिछले महीने की तुलना में 60 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं, व्यापारिक इस्तेमाल वाले 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर (Commercial Cylinders) की कीमत लगभग 144 रुपये बढ़कर 1,884.50 रुपये पहुंच गई है. यह भी पढ़ें: LPG Price Today: गैस सिलेंडर की कीमतों में उछाल, 11 मार्च को नई दरें लागू, जानें दिल्ली-मुंबई समेत अपने शहर में एलपीजी के दाम
पश्चिम एशिया संघर्ष का असर
गैस की कीमतों में इस वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट है. भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60% हिस्सा आयात करता है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में अस्थिरता के कारण लॉजिस्टिक चुनौतियां बढ़ गई हैं. आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है.
बुकिंग नियमों में बदलाव और आपूर्ति की स्थिति
बढ़ती कीमतों के बीच दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में आपूर्ति में देरी और 'पैनिक बुकिंग' की खबरें भी सामने आ रही हैं. जमाखोरी को रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने दो रिफिल के बीच की न्यूनतम अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल में तकनीकी खामियों की शिकायतों के बीच गैस एजेंसियों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
कमर्शियल सेक्टर पर संकट
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण होटल और रेस्तरां उद्योग को गैस की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अनुसार, कमर्शियल सिलिंडर की कमी के चलते लगभग 20% छोटे भोजनालयों ने अपना कामकाज आंशिक रूप से बंद कर दिया है. दिल्ली के कई रेस्तरां अब कोयले के चूल्हों या इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा लेने को मजबूर हैं.
सरकार के कदम और उज्ज्वला लाभार्थियों को राहत
संकट की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. अधिकारियों के मुताबिक, घरेलू रिफाइनरियों को उत्पादन में 10% की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने का आदेश दिया गया है.
हालांकि, कीमतों में इस उछाल के बीच राहत की बात यह है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति सिलिंडर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी. सरकार का कहना है कि इस कदम से समाज के सबसे कमजोर वर्ग को कीमतों के झटके से सुरक्षित रखा जा सकेगा.












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