LPG Price Today: भारतीय परिवारों और व्यवसायों पर महंगाई की मार पड़ी है. 7 मार्च 2026 को देशव्यापी स्तर पर की गई बढ़ोतरी के बाद आज, 11 मार्च को भी एलपीजी (LPG) की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 114.50 रुपये तक बढ़ गए हैं. वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है.
प्रमुख शहरों में घरेलू गैस के आज के भाव
परिवहन लागत और स्थानीय करों (Local Taxes) के कारण अलग-अलग शहरों में सिलेंडर की कीमतें भिन्न होती हैं. 11 मार्च 2026 को 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की दरें इस प्रकार हैं:
| शहर | नई कीमत (INR) | बढ़ोतरी (INR) |
| दिल्ली | 913.00 | + 60.00 |
| मुंबई | 912.50 | + 60.00 |
| बेंगलुरु | 915.50 | + 60.00 |
| कोलकाता | 939.00 | + 60.00 |
| चेन्नई | 928.50 | + 60.00 |
| नोएडा | 910.50 | + 60.00 |
| हैदराबाद | 965.00 | + 60.00 |
क्यों बढ़े गैस के दाम?
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों में वृद्धि के चलते यह कदम उठाया है. इसके पीछे प्रमुख तकनीकी और भू-राजनीतिक कारण हैं:
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सप्लाई चेन में बाधा: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण गैस आपूर्ति मार्ग प्रभावित हुए हैं.
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आयात पर निर्भरता: भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 60% से अधिक हिस्सा आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% आपूर्ति इसी महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होती है.
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वैश्विक बेंचमार्क: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतों में उछाल आने से घरेलू बाजार में खुदरा कीमतों को संशोधित करना अनिवार्य हो गया है.
आम जनता और होटल उद्योग पर प्रभाव
सरकारी अनुमानों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी औसतन 80 पैसे प्रति दिन का अतिरिक्त बोझ डालेगी. हालांकि, असली संकट कमर्शियल सेक्टर (होटल और रेस्टोरेंट) में देखा जा रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 114.50 रुपये की भारी वृद्धि के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में कई छोटे भोजनालयों और रेस्टोरेंट्स के संचालन पर असर पड़ा है. कुछ इलाकों में कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत की खबरें भी सामने आ रही हैं.
आगे की राह और विशेषज्ञों की राय
ऊर्जा बाजार के विश्लेषक पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. यदि वहां तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले हफ्तों में ईंधन और एलपीजी की कीमतों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल, उपभोक्ताओं को ऊंची कीमतों के साथ ही तालमेल बिठाना होगा.











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