LPG Gas Cylinder Price: 1 मई से महंगा हो सकता है गैस सिलेंडर, वैश्विक संकट के बीच मोदी सरकार की नई कीमतों और नियमों की तैयारी
1 मई 2026 से भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति संकट के कारण तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस के दाम बढ़ा सकती हैं.
LPG Gas Cylinder Price: भारत में 1 मई 2026 से रसोई गैस (LPG) की कीमतों में एक बार फिर इजाफा होने की प्रबल संभावना है. वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता और पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल विपणन कंपनियां (OMCs) एलपीजी दरों की समीक्षा कर रही हैं. रिपोर्टों के अनुसार, घरेलू (14.2 किग्रा) और कमर्शियल (19 किग्रा) दोनों तरह के सिलेंडरों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट और व्यावसायिक लागत प्रभावित हो सकती है.
क्यों बढ़ सकते हैं दाम?
एलपीजी की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण 'स्ट्रेप ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में जारी तनाव है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 56% कच्चा तेल और भारी मात्रा में एलपीजी इसी मार्ग से आयात करता है. युद्ध जैसे हालातों के कारण समुद्री माल ढुलाई (Freight) और बीमा लागत में भारी वृद्धि हुई है. तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दरों में उछाल के कारण घरेलू कीमतों को बढ़ाना उनकी मजबूरी हो सकती है.
कमर्शियल सिलेंडर पर सबसे ज्यादा असर
हाल के महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में पहले ही कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी है. मार्च और अप्रैल 2026 में 19 किग्रा वाले सिलेंडर के दाम में करीब 200 से 218 रुपये तक का उछाल देखा गया था. 1 मई को होने वाली नई समीक्षा में इसके और भी महंगा होने की आशंका है, जिसका सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल और छोटे खाद्य व्यवसायों पर पड़ेगा.
घरेलू गैस (14.2 किग्रा) पर दबाव
मार्च 2026 में घरेलू गैस की कीमतों में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये तक पहुंच गई थी. अप्रैल में हालांकि घरेलू सिलेंडरों के दाम स्थिर रहे, लेकिन 1 मई से इसमें एक बार फिर मामूली या मध्यम स्तर की बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं.
बुकिंग और डिलीवरी के नए नियम
कीमतों के अलावा, 1 मई से बुकिंग की समय सीमा (Lock-in Period) में भी बदलाव हो सकता है. वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखना होता है, जिसे आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बढ़ाया जा सकता है. इसके साथ ही, 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) यानी ओटीपी-आधारित डिलीवरी अब पूरी तरह अनिवार्य हो जाएगी.
क्या है सरकार की तैयारी?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और वे आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए रूस और अमेरिका जैसे अन्य स्रोतों से भी तेल आयात कर रहे हैं. इसके साथ ही, सरकार शहरी उपभोक्ताओं को पाइप नेचुरल गैस (PNG) की ओर स्थानांतरित होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके.
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें, क्योंकि 1 मई की सुबह तेल कंपनियां नई दरों की आधिकारिक सूची जारी करेंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2026 03:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

