Infosys Bonus Cut: इन्फोसिस ने परफॉर्मेंस बोनस में की कटौती: पिछली तिमाही के 85% के मुकाबले इस बार मिलेगा केवल 70% वेरिएबल पे
भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) ने वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के लिए अपने कर्मचारियों के औसत परफॉर्मेंस बोनस (वेरिएबल पे) को घटाकर 70 प्रतिशत कर दिया है. इससे पिछली तिमाही में कंपनी ने पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए औसतन 85 फीसदी बोनस दिया था.
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बेंगलुरु, 19 मई: भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवा प्रदाता कंपनी 'इन्फोसिस लिमिटेड' (Infosys) ने वित्त वर्ष की चौथी और अंतिम तिमाही के लिए अपने औसत परफॉर्मेंस बोनस (Variable Pay) में कटौती की है. कंपनी के आंतरिक संचार (Internal Communications) के अनुसार, इस तिमाही के लिए औसत बोनस भुगतान को घटाकर लगभग 70 प्रतिशत कर दिया गया है. यह गिरावट पिछली तिमाही (तीसरी तिमाही) की तुलना में एक बड़ा झटका है, जब कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में अपना सबसे मजबूत वेरिएबल पे (औसतन 85 प्रतिशत) वितरित किया था. यह भी पढ़ें: बैंकिंग सेक्टर में एआई की दस्तक: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 2030 तक करेगा 15% बैक-ऑफिस स्टाफ की कटौती, प्रभावित होंगे करीब 7,800 पद
अलग-अलग कर्मचारी बैंड्स पर पड़ा असर
चौथी तिमाही के लिए तय किया गया 70 प्रतिशत का संगठनात्मक औसत, तीसरी तिमाही के 85 प्रतिशत के मुकाबले काफी कम है. मनीकंट्रोल द्वारा समीक्षित आंतरिक भुगतान मैट्रिक्स के अनुसार, वास्तविक वेरिएबल पे का प्रतिशत विशिष्ट व्यावसायिक इकाइयों (Business Units) और पर्सनल लेवल (PL) बैंड्स के आधार पर तय किया गया है. इन्फोसिस मूल्यांकन चक्र (Appraisal Cycles) के दौरान व्यक्तिगत प्रदर्शन को आंकने के लिए इन्हीं आंतरिक रेटिंग मैट्रिक्स का उपयोग करती है.
कॉर्पोरेट सेगमेंट में बोनस का वितरण कुछ इस प्रकार किया गया है:
- पर्सनल लेवल 4 (PL4): इस बैंड के कर्मचारियों को 67 से 82 प्रतिशत के बीच बोनस मिला है.
- पर्सनल लेवल 5 (PL5): यहाँ कर्मचारियों के लिए आवंटन 65 से 78 प्रतिशत के बीच रहा.
- पर्सनल लेवल 6 (PL6): इस स्तर के कर्मचारियों को 63 से 77 प्रतिशत के बीच भुगतान किया गया.
कंपनी के आंतरिक कॉर्पोरेट नोट में कहा गया है, 'चौथी तिमाही के लिए परफॉर्मेंस बोनस (PB) की सिफारिश पूरी हो चुकी है। चौथी तिमाही में संगठन का औसत बोनस भुगतान 70% रहा है.'
महामारी के बाद के चरम स्तर से तुलना
बोनस में यह कमी एक ऐसी तिमाही के ठीक बाद आई है जो कर्मचारियों के लिए बेहद फायदेमंद रही थी. तीसरी तिमाही के चक्र में, पात्र मध्य और कनिष्ठ स्तर (Mid and Junior-Level) के कर्मचारियों का वेरिएबल बोनस 75 से 100 प्रतिशत के बीच था, जिसमें से अधिकांश को 85 प्रतिशत के आसपास भुगतान मिला था.
उस समय कर्मचारियों ने इस आवंटन को एक दुर्लभ घटना बताया था, जो महामारी के दौरान आए तकनीकी खर्च (Tech Boom) के बाद से नहीं देखी गई थी. इस हालिया कटौती से पहले, इन्फोसिस ने अपने औसत भुगतान के आधार को लगातार 65 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया था और फिर वह अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची थी.
मैक्रो ट्रेंड्स और एआई (AI) का प्रभाव
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि तिमाही वेरिएबल पे में आई इस नरमी का सीधा संबंध वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में हो रहे व्यापक संरचनात्मक बदलावों (Structural Adjustments) से है. वैश्विक स्तर पर निवेशक इस समय सतर्क रुख अपना रहे हैं, क्योंकि बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट अपने दीर्घकालिक खर्च और बजट का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। विशेष रूप से पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग सेवाओं और लेगेसी सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस के बजट में कटौती देखी जा रही है.
इसके अलावा, जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI) के क्षेत्र में हो रहे तीव्र व्यावसायिक विकास ने भी आईटी क्षेत्र में उथल-पुथल मचाई है. कोडिंग और डेटा से जुड़े नियमित कार्यों को ऑटोमेशन (AI Tools) के जरिए करने की बढ़ती क्षमता के कारण वैश्विक आईटी शेयरों में अस्थिरता देखी गई है. यही वजह है कि प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता कंपनियां इस समय परिचालन लागत को नियंत्रित करने और अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दे रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2026 01:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

